संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। हर बालिग व नाबालिग छात्रा को अपने अधिकारों का पता होना चाहिए। इससे वे अपने साथ होने वाले अन्याय व शोषण के खिलाफ आवाज उठा सकती हैं। इसलिए अपने अधिकारों की जानकारी रखकर शोषण को शुरू होने से पहले खत्म करना चाहिए।
ये बातें महिला एवं बाल विकास विभाग से जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल ने कहीं। वह अमर उजाला की ओर से वीरवार को दादरी महिला आईटीआई में अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने छात्राओं को महिलाओं के अधिकारों, बाल संरक्षण, सहायता आदि की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे हुआ। साढ़े 12 बजे समापन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 90 छात्राओं ने भाग लिया। डीसीपीओ नीलकमल ने बताया कि अगर कहीं भी कोई उनको परेशान करता है, बुरी नजर से देखता या स्पर्श करता है तो इसकी शिकायत वे विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर कर सकती हैं। पॉक्सो एक्ट 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए बना है। इसका मूल कारण बच्चों व किशोरों के साथ होने वाले यौन शोषण पर उचित कार्रवाई करना है।
विकास सांगवान ने बताया कि विभाग बच्चों का संरक्षण करता है। इसके लिए वह कहीं बाल मजदूरी करते, लावारिस हालत में मिलने वाले और प्रताड़ित व शोषित बच्चों को उनका हक दिलाते हैं। अगर कहीं पर कोई बच्चा लावारिस हालत में मिलता है, किसी प्रतिष्ठान पर मजदूरी करता मिलता है तो इसकी जानकारी विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दे सकते हैं।
अधिकतर शोषित व प्रताड़ित बच्चे मोबाइल के कारण होते हैं। इसमें बच्चे अनजान लोगों से बातचीत करते हैं। फिर गहरे संबंधों की आड़ में शोषण होता है।
उस दौरान बच्चे आवाज नहीं उठाते और शोषणकर्ताओं का मनोबल बढ़ जाता है। मोबाइल का अधिक प्रयोग न करें। इसके साथ ही उन्होंने विभाग की योजनाओं की भी जानकारी दी।