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शहर स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल, जहां की बाल वाटिका में सामान पहुंचा है। संवाद
- विभाग की ओर से प्रति मॉडल संस्कृति बाल वाटिकाओं में 5 लाख रुपये के बजट से झूले व शिक्षण संबंधी सामान कराया मुहैया
- दादरी, बाढड़ा और बौंदकलां की बालवाटिका में पहुंचा है सामान, अब नए सत्र में विद्यार्थियों को मिलेंगी सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शिक्षा विभाग की ओर से जिले की तीन मॉडल संस्कृति बाल वाटिकाओं में खेल व शिक्षण सामग्री पहुंची है। इसके लिए विभाग ने 15 लाख रुपये का बजट खर्च किया है। नए सत्र में विद्यार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। अब विभाग जल्द सभी वाटिकाओं में सामान उपलब्ध कराएगा।
नए सत्र की शुरुआत हो चुकी है। विभाग का बाल वाटिका पर अधिक फोकस है। इसमें विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग हर प्रकार की तैयारी कर रहा है। अब विभाग ने जिले में 15 लाख रुपये से तीन बाल वाटिकाओं में सामान उपलब्ध कराया है। प्रति बालवाटिका विभाग ने 5 लाख रुपये का बजट बनाया। इससे विद्यार्थियों को पढ़ने में आसानी रहेगी। खेल के माध्यम से विद्यार्थी सीख पाएंगे। साथ ही कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी। स्कूल आने में उनकी रुचि भी बरकरार रहेगी।
फिलहाल, बाल वाटिकाओं में फर्नीचर की बात करें तो हर वाटिका में एक व्हाइट बोर्ड, एक शिक्षक मेज, एक शिक्षक कुर्सी, दो शूज रैक, दो डिस्पले बोर्ड, 10 टावेल व साबुन, 30 सेनेटाइजर पैक, फर्स्ट एड किट, तीन झूले, दो डस्टबिन, 60-60 प्लेट, गिलास, चम्मच, 15 वर्णमाला फ्लैश कार्ड, 15 शारीरिक अंगों की लकड़ी की स्लेट, रंगीन रोड, पशु मास्क, कार्टून मास्क समेत अन्य शिक्षण सामग्री विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई गई है।
अब इनका उपयोग करके शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाई कराएंगे। साथ ही रोचक तरीके बताकर उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
वर्सन:
विभाग की ओर से छोटे बच्चों को पढ़ने की आदत डालने के लिए बाल वाटिका शुरू की गई हैं। अब इनमें प्रति बाल वाटिका 5 लाख के बजट से खेल शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई है। ताकि, बच्चों की स्कूल आने में रुचि बनी रहे और उन्हें सामान्य के बजाय रोचक तरीकों से पढ़ाई कराई जा सके।
-संदीप सिंह, जिला समन्वयक, एफएलएन