चरखी दादरी। शहर में बनी पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग ने तीसरा जलघर बनाने की तैयारी कर ली है। इस जलघर से शहर के 30 फीसदी क्षेत्र को जोड़ा जाएगा। इतना ही नहीं शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए आठवां बूस्टिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा। दमकल विभाग कार्यालय के पास नया बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जल्द से जल्द इस परियोजना को धरातल पर पूरा कराने का प्रयास रहेगा। रोहतक कंसल्टेंट से इसकी ड्राइंग तैयार करवाई जा रही है। शहर में आने वाले समय में प्रति व्यक्ति 135 लीटर पीने का पानी मिलेगा।
विभाग शहर में पेयजल आपूर्ति क्षमता बढ़ाने के लिए गांव घिकाड़ा के जलघर को अपग्रेड करेगा। यहां अतिरिक्त टैंक बनाया जाएगा ताकि पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाकर आपूर्ति में और सुधार किया जाएगा। घिकाड़ा जलघर को लोहारू नहर से जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 107 करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है। यह काम पूरा होने के बाद पूरे शहर को तीन भागों में बांट दिया जाएगा। इस समय प्रति व्यक्ति मुश्किल से 60 लीटर प्रतिदिन भी नहीं मिल पा रहा है और एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई की जा रही है।
बता दे कि शहर में एक दशक से पेयजल संकट बना हुआ है। शहर की आबादी बढ़ने के बाद पेयजल की क्षमता नहीं बढ़ सकी है। इस समय शहर में दो जलघर हैं। एक गांव रामनगर के समीप व दूसरा शहर के चंपापुरी क्षेत्र में स्थित है। चंपापुरी जलघर से 60 प्रतिशत व रामनगर जलघर से 40 प्रतिशत एरिया को कवर किया जाता है। इनसे शहर की पेयजल आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पा रही है। समय-समय पर पेयजल संकट बना रहता है। भंडारण क्षमता कम होना भी पेयजल संकट गहराने का मुख्य कारण है। पिछले चार साल से शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई की जा रही है।
- ये है जन स्वास्थ्य विभाग की योजना
शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित गांव घिकाड़ा में जलघर बना हुआ है। विभाग की योजना है कि इसे अपग्रेड कर पेयजल भंडारण क्षमता भी बढ़ाई जाए। इस समय घिकाड़ा में कम क्षमता के स्टोरेज टैंक बने हुए हैं। विभाग यहां स्टोरेज टैंकों का क्षेत्रफल बढ़ाएगा और नए स्टोरेज टैंक भी बनाए जाएंगे।
- फिलहाल दो भागों में बांट रखा है शहर
मौजूदा चंपापुरी व रामनगर जलघरों की क्षमता भी बढ़नी है। यहां तीन नए वाटर स्टोरेज टैंक और बनाने की प्लानिंग है इससे पानी की क्षमता और बढ़ जाएगी। घिकाड़ा जलघर अपग्रेड होने के बाद शहर को तीन भागों में बांट दिया जाएगा। इस समय शहर को दो भागों में बांट रखा है। तीन जोन बनने के बाद पानी का प्रेशर भी बढ़ेगा और आपूर्ति में सुधार भी आएगा। स्टोरेज क्षमता भी बढ़ जाएगी।
- 24 दिन बाद मिलता है पानी, 15 दिन की है भंडारण क्षमता
इस समय वाटर टैंकों की स्टोरेज क्षमता मुश्किल से 14 दिन है जबकि नहरों में पानी 24 दिन में छोड़ा जाता है। इस गैप की शेष अवधि में जलघर परिसर में कर रखे बोरिंग ट्यूबवेल से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ती है। ट्यूबवेल का पानी लवणीय होने के कारण पेयजल में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद शहर की सप्लाई को तीन भागों में बांट दिया जाएगा। पेयजल आपूर्ति में व्यापक सुधार आएगा और प्रति व्यक्ति 135 पानी उपलब्ध हो सकेगा। इसके तहत घिकाड़ा जलघर को अपग्रेड किया जाना है।
-जगदीशचंद्र, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग