डाइट बिरही कलां में आयोजित तीन दिवसीय प्राचार्य और हेडमास्टर क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन वीरवार का शुभारंभ डॉ. नरसिंह चाहर के सत्र से हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के मूल सिद्धांतों व शैक्षिक उपयोगों पर चर्चा की।
वरिष्ठ प्रवक्ता नवरत्न पांडे ने बताया कि दूसरे सत्र में प्रमुख वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त प्रोफेसर भूप सिंह उपस्थित हुए। उन्होंने वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में एआई, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के महत्व पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई एक परिवर्तनकारी शक्ति बनकर उभरा है। इसका उपयोग सीखने की गुणवत्ता को बढ़ाता है, शिक्षकों का बोझ कम करता है और छात्रों को व्यक्तिगत सीखने का अनुभव प्रदान करता है।
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तीसरे सत्र में प्रवक्ता शैलेश कुमार ने स्कूल शिक्षा में स्किल एवं स्किल आधारित शिक्षा विषय पर प्रस्तुति दी। पहले सत्र में प्रवक्ता श्रुति श्योराण एवं विवेक कुमार ने सदन की व्यवस्थाओं को संभाला। वहीं, राकेश गोदारा और सुशील कुमार ने प्रतिभागियों की पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करवाई।
राजनीति शास्त्र समूह के सत्रों की व्यवस्था डॉ. ओमप्रकाश पंवार और सोमबीर जाखड़ ने कुशलतापूर्वक संभाली। प्रशिक्षण का तीसरा व अंतिम दिन विभिन्न गतिविधियों और महत्वपूर्ण सत्रों के साथ संपन्न होगा।