चरखी दादरी। शहर के वार्ड-1 स्थित गली नंबर एक में पाइप लाइन बिछाने के नाम पर गली के बाहर बना गहरा गड्ढा स्थानीय लोगों के लिए हादसों का सबब बना हुआ है। गली में घर जाने वाले बुजुर्ग और छोटे बच्चे यहां गिर कर घायल हो रहे है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से गड्ढे को ठीक करवाने की मांग की है ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पांच दिन पहले इस गली में पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क को बीचों-बीच से उखाड़ दिया गया था। पाइप लाइन तो डाल दी गई लेकिन संबंधित विभाग और ठेकेदार गली को वापस दुरुस्त करना भूल गए। नतीजतन पिछले पांच दिनों से गली निवासी प्रशासनिक लापरवाही का खमियाजा भुगत रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गली में करीब 35 परिवार निवास करते हैं। सड़क के बीचों-बीच खोदी गई गली की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि पैदल चलना भी दूभर है। पिछले पांच दिनों में कई बुजुर्ग और बच्चे व स्कूटी सवार इस उखड़ी हुई सड़क पर संतुलन बिगड़ने के कारण गिरकर चोटिल हो चुके हैं। गली तंग होने के कारण दोपहिया वाहनों का निकलना तो दूर लोग अपने घरों से बीमारों को अस्पताल ले जाने या रोजमर्रा का राशन लाने में भी कतरा रहे हैं।
कोट:
पाइप लाइन बिछाने के बाद भी गली को ठीक नहीं किया गया है। गली के बाहर बने गड्ढे में दूषित पानी भरने के कारण पूरा दिन दुर्गंध का माहौल बना रहता है जिसके कारण लोगों का घरों में बैठना दूभर बना हुआ है। मौसम में हो रहे परिवर्तन के चलते बारिश की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे में गली के लोगों का घर से बाहर निकलना काफी मुश्किल होगा। -दयानंद, स्थानीय निवासी
दो दिन पहले रात के समय दुकान से घर जाते समय गड्ढे के पास अचानक संतुलन बिगड़ने से गिर गया था गनीमत रही कि यहां से गुजर रहे दो राहगीरों ने हाथ पकड़ कर गड्ढे से बाहर निकाला दिया। अगर समय रहते राहगीरों की सहायता नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। - चंदूलाल, स्थानीय निवासी
कोट:
यहां के हालात सरकारी विभागों के बीच तालमेल की कमी और ठेकेदारों की मनमानी को उजागर कर रहे हैं। नियमानुसार किसी भी सड़क या गली को खोदने के बाद उसे तुरंत पूर्व स्थिति में लाना अनिवार्य होता है ताकि आम जनता को असुविधा न हो लेकिन चंपापुरी में नियमों को ताक पर रखकर काम को अधूरा छोड़ दिया गया है। जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।- नरेश कुमार, स्थानीय निवासी
कोट:
दुकान के सामने मेन गली के बीच गड्ढा खुला छोड़ने से पिछले पांच दिनों से ग्राहकों का आना बिलकुल बंद हो गया है। घर जाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। काम समाप्त होने के समय कर्मचारियों ने अगले दिन गली को ठीक करने का आश्वास दिया गया था लेकिन पांच दिन गुजर जाने के बाद भी विभाग का कर्मचारी या अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा है। - निर्मला देवी, स्थानीय निवासी
वर्सन:
हमने कर्मचारियों को गली नंबर एक में बनी समस्या का समाधान करने के आदेश जारी किए हुए है। जल्द ही कर्मचारी गड्ढे को भरने काम पूरा कद देंगे जिसके बाद स्थानीय लोगों को पेयजल संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। -सोहनलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।