बेरला स्कूल में नशा मुक्ति की शपथ लेते विद्यार्थी।
झोझूकलां। नशा दोस्त बनकर शरीर में प्रवेश करता है और शत्रु बनकर मार डालता है। किसी समाज एवं धर्म ने नशे को मान्यता नहीं दी है। यह बात ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र कादमा की ओर से संचालित मेरा गांव नशा मुक्त अभियान के दौरान ब्रह्माकुमारीज ज्योति ने कही। शनिवार को संस्था सदस्यों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हड़ौदी व बेरला, श्रीराम पब्लिक स्कूल कांहड़ा व एमएस स्कूल बेरला में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया।
बीके ज्योति ने कहा कि वास्तव में हम नशे को नहीं पीते, बल्कि नशा हमें पी जाता है। आज युवा पीढ़ी को बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि नशीले पदार्थों ने अंदर से कमजोर और समाज को खोखला बना दिया है। क्षेत्रीय प्रभारी ब्रह्माकुमारी वसुधा ने कहा कि नशे के कारण हमारा मन मादकता और क्रूरता से भर जाता है और ये बाद में विनाश को जन्म देता है। सभी नशीली द्रव्य मीठे जहर हैं। ये शरीर को अल्पकालिक स्फूर्ति प्रदान करते हैं, लेकिन मानव की शारीरिक शक्ति को नष्ट कर देते हैं।
हड़ौदी राजकीय स्कूल के प्राचार्य उमेश जांगड़ा ने कहा कि समाज में बढ़ती नशे की लत एक चिंता का विषय है। इसे छोड़ने के लिए आज अध्यात्म व मानवीय मूल्यों की जरूरत है। रथ संचालक ब्रह्माकुमार विशाल ने नशे से होने वाली शारीरिक हानियों पर प्रकाश डाला। ब्रह्माकुमारी नीलम ने राजयोग के फायदे बताए और सभी को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई। इस मौके पर एमएस बेरला प्राचार्य शर्मिला, बेरला राजकीय स्कूल प्राचार्य विशंभर, योगेंद्र चाहर, जगदीश शर्मा, रमेश, राजेश, राजकीय स्कूल हड़ौदी कृपाचार्य, उमेश जांगड़ा, उदय, नरेश, समाजसेवी जगबीर, श्रीराम पब्लिक स्कूल से सत्यवान आदि लोग मौजूद रहे।