फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: चिकित्सकों ने नहीं देखे मरीज, सीएमओ से गेट पर मिला उपचार

विज्ञापन
सिविल अस्पताल गेट के पास खड़े होकर ओपीडी देखते कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज।
विज्ञापन
चरखी दादरी। चिकित्सकों की हड़ताल के बावजूद शुक्रवार को सिविल अस्पताल पहुंचे मरीजों को उपचार मिला। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने सिविल अस्पताल की पुरानी इमारत के मुख्य गेट के समीप ही एक घंटे खड़े होकर 80 मरीज देखे। उनके अलावा आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (एएमओ) और सीएचओ (कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर) ने भी मरीजों का उपचार किया। शुक्रवार को करीब 800 आोपीडी रही। सामान्य दिनों में सिविल अस्पताल की करीब 1200 से 1300 ओपीडी रहती है।
विज्ञापन

वहीं, एचसीएमएसए से जुड़े चिकित्सकों ने शुक्रवार को आपातकालीन सेवाएं बंद रखने का फैसला वापस ले लिया। इस पर आपातकालीन कक्ष में एक आयुर्वेदिक और एक सीएचओ ने वहां अपनी सेवाएं दीं। इधर हड्डी रोग विशेषज्ञ समेत जिले में करीब 50 से अधिक चिकित्सक हड़ताल में शामिल हुए। एचसीएमएसए (हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन) से जुड़े चिकित्सकों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे। हालांकि कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज की मानें तो शुक्रवार को सिविल अस्पताल के अलावा तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी देखी गई व मरीजों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।
सुबह करीब 10 से 11 बजे तक संवाददाता ने सिविल अस्पताल में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उस दौरान कार्यवाहक सीएमओ स्वयं ओपीडी की कमान संभाले नजर आए। उन्होंने बिना कुर्सी के ही सिविल अस्पताल के प्रवेश द्वार पर खड़े होकर न केवल ओपीडी देखी बल्कि व्यवस्थाएं बनाने के लिए स्टाफ को नरम और गर्म दोनों रवैये अपनाकर निर्देश दिए। हालांकि शुक्रवार को सामान्य दिनों के मुकाबले कम ही मरीज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे।
विज्ञापन

-
मरीजों के एक्स-रे हुए, दवाएं भी मिली
कार्यवाहक सीएमओ ने पूरे अस्पताल प्रांगण का चक्कर लगाकर एक-एक कक्ष की व्यवस्था जांची। खास बात ये रही कि इस बार चिकित्सकों की हड़ताल के बावजूद मरीजों की ओपीडी की पर्ची बनी और एक्स-रे के साथ उन्हें काउंटर पर दवा सुविधा भी मिली।
- विभाग के पास 54 सीएचओ, 6 की संकल्प यात्रा में ड्यूटी
विभाग के पास कुल 54 सीएचओ हैं। इनमें से 6 की विकसित भारत संकल्प यात्रा में ड्यूटी लगी हुई है। वहीं, चिकित्सकों की हड़ताल के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने 48 सीएचओ की ड्यूटी तय कर दी है। उन्हें रोस्टर के मुताबिक बारी-बारी अपनी सेवाएं देनी होंगी।

- एएमओ ने यहां दीं सेवाएं
आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर की भी स्वास्थ्य विभाग हड़ताल के चलते मदद ले रहा है। शुक्रवार को चार आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर सिविल अस्पताल में मौजूद रहे। उनके तैनाती लेबर रूम, गायनी कक्ष और आपातकालीन कक्ष में की गई।
मरीज बोले : उपचार न मिलता तो झेलनी पड़ती दिक्कतें
- करीब एक सप्ताह पहले छाती के बल गिर गया था। चार दिन पहले सिविल अस्पताल में एक्स-रे करवाया था, लेकिन आराम नहीं आया। शुक्रवार को अस्पताल पहुंचा तो चिकित्सकों की हड़ताल का पता चला। सीएमओ ने ओपीडी पर्ची देखकर परामर्श दिया और दवा भी लिख दी।
-श्रीभगवान, प्रेमनगर

- सुबह 9 बजे सिविल अस्पताल आई थी। पैर मुड़ गया था और काफी दर्द है। हड्डी रोग विशेषज्ञ तो हड़ताल पर मिला, लेकिन गेट के पास ही खड़े एक डॉक्टर ने ओपीडी पर्ची देखने के बाद एक्स-रे करवाने को कहा। इसके बाद नए भवन में जाकर एक्स-रे करवाया व दवा भी ले ली।
-भतेरी देवी, झामरी


चरखी दादरी सिविल अस्पताल के अलावा तीनों सीएचसी पर ओपीडी देखी जा रही है। हड़ताल के मद्देनजर सीएचओ की ड्यूटी लगाई है जबकि आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर की भी मदद ली जा रही है। प्रयास है कि सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को दिक्कतें न झेलनी पड़े।
विज्ञापन

-डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें