चरखी दादरी। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रोहतक रोड पर निर्माणाधीन आरओबी का निर्माण करवाया जा रहा है। मगर कार्य धीमी गति से चलने से स्थानीय लोगों व वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सड़क के बीच बने गड्ढे दोपहिया वाहनों व ई-रिक्शा चालकों के लिए हादसों का सबब बने हुए हैं। परेशान लोगों ने जिला प्रशासन से आरओबी के कार्य को तेज करने की मांग की है। ताकि समय रहते काम को पूरा किया जा सके और क्षेत्रवासियों को राहत की सांस मिल सके।
240 पाइल का करना है निर्माण
रोहतक रोड रेलवे फाटक पर ट्रेन गुजरने के दौरान लगने वाले जाम से लोगों को राहत देने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से 78 करोड़ की लागत से आरओबी का कार्य शुरू करवाया गया था लेकिन कार्य शुरू होने के एक साल बाद तक एजेंसी केवल 26 प्रतिशत ही काम पूरा कर पाई है। रोहतक रोड रेलवे फाटक पर आरओबी का निर्माण करने वाली एजेंसी की ओर से 940 मीटर लंबे आरओबी का कार्य दो साल में पूरा करना था लेकिन तय अवधी का आधा समय गुजर जाने के बाद केवल 9 पाइल कैप ही का ही ढांचा खड़ा कर पाई है। एजेंसी को कुल 240 पाइल निर्माण करना था लेकिन अभी तक मात्र 170 ही बना पाई है।
फाटक बंद होने से लगता है जाम
रेलवे लाइनो का दोहरीकरण होने के बाद हर 15 मिनट में फाटक को बंद करना पड़ता है। सड़क से गुजरने वाले वाहनों की आवाजाही अधिक होने से फाटक के दोनों तरफ लंबी कतार लग जाती है। फाटक खुलने के बाद वाहन चालकों में जल्दी निकलनी की होड़ लगने से जाम की स्थिति बनी रहती है जिससे आम वाहन चालक के अलावा राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
फरवरी 2027 में पूरा करना है आरओबी
रोहतक रोड रेलवे फाटक पर एजेंसी की ओर से फरवरी 2025 में आरओबी का कार्य शुरू किया गया था। आवंटित निविदाओं अनुसार संबंधित एजेंसी को फरवरी 2027 में आरओबी बनाने का काम पूरा करना था लेकिन एजेंसी की कछुए चाल को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज का काम पूरा होने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
लोग बोले
रोहतक रोड पर आरओबी का काम शुरू होने के साथ ही एजेंसी के श्रमिकों ने आधा किलोमीटर लंबी सड़क को गड्ढों में बदल दिया है। सड़क के बीच जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हुए है। हर रोज आधा दर्जन दोपहिया वाहन चालक गिर कर घायल हो रहे है। वहीं वाहनों के गुजरने की वजह से धूल के गुब्बार उड़ते रहते है।- भीम सिंह, चंपापुरी
बारिश के दिनों में रोहतक रोड पर डाली गई मिट्टी बहाव के साथ ही सड़क तक पहुंच जाती है जिसके कारण पूरी सड़क पर फिसलन बनने से पैदल चलना दूभर बन जाता है। वहीं सड़क के बीच अक्सर सीवरेज का पानी भी भरा रहता है। जरूरी कार्यों के लिए घर से बाजार जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालनी पड़ती है।- सुखबीर, रावलधी
वर्सन:
आरओबी कार्य में देरी का मुख्य कारण पाइप लाइन का अन्य स्थान पर शिफ्ट नहीं होना व वन विभाग की ओर से बाधित पेड़ों की कटाई नहीं करना रहा है। एजेंसी के श्रमिक भी पहुंच चुके है अब काम को तय अवधी में पूरा करवाने के लिए सख्ती अपनाई जाएगी।- संदीप सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग।