चरखी दादरी। शहरी क्षेत्र में लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान न करने वाले डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने के लिए बिजली निगम ने पूरी तैयारी कर ली है। निगम की ओर से 15 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अगले महीने से फील्ड में उतरेंगी। यह अभियान मुख्य रूप से उन उपभोक्ताओं पर केंद्रित रहेगा जिनके बिल की बकाया राशि पांच हजार रुपये से अधिक है। निगम अधिकारियों का कहना है कि समय रहते बिल न भरने की स्थिति में कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
उपभोक्ताओं पर राशि बकाया
बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार शहरी सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले करीब 9,800 उपभोक्ताओं पर करीब 11 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली का उपभोग करने के बावजूद बिल न भरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे निगम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ऐसे में उच्च अधिकारियों की ओर से रिकवरी के लिए दबाव भी बढ़ गया है। हालांकि कर्मचारी लगातार डिफॉल्टरों से संपर्क साध रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता बिल जमा कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे जिससे बकाया राशि में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है।
सरकारी विभागों पर भी करीब तीन करोड़ की राशि बकाया
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि न केवल आम उपभोक्ता बल्कि सरकारी विभाग भी बिजली बिल की राशि जमा करवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बिजली निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार अकेले जनस्वास्थ्य विभाग पर करीब तीन करोड़ रुपये का बिल बकाया है। वहीं गांव भैरवी स्थित किसान मॉडल स्कूल में संचालित कुछ कार्यालयों पर भी 6-7 लाख रुपये की राशि बकाया है। निगम अब इन विभागों से भी संपर्क साध रहा है ताकि लंबे समय से अटकी इस राशि की वसूली की जा सके।
15 टीमें मार्च में संभालेंगी मोर्चा
सब-अर्बन डिवीजन में करीब 40,000 उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 9,800 उपभोक्ता 5,000 रुपये से अधिक की श्रेणी वाले डिफॉल्टर हैं। रिकवरी अभियान को प्रभावी बनाने के लिए गठित 15 टीमों में फोरमैन और अन्य तकनीकी कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। यह अभियान मार्च महीने की शुरुआत से पूरे जोर-शोर से चलाया जाएगा।
नहीं चलेगी बहानेबाजी, समय रहते ठीक करवाएं खामियां
बिजली निगम के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि यदि उनके बिल में कोई त्रुटि है या मीटर में खराबी है, तो वे अभियान शुरू होने से पहले ही उसे ठीक करवा लें। अक्सर देखने में आता है कि कनेक्शन काटते समय उपभोक्ता मीटर खराब होने या बिल अधिक आने की बात कहते हैं।
वर्जन
शहरी क्षेत्र के काफी उपभोक्ता बिजली खर्च करने के बावजूद समय पर बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इसके कारण बकाया बिल पर अतिरिक्त शुल्क लगने से राशि लगातार बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे समय रहते बकाया बिल का भुगतान करें।- गौरव कुमार, एसडीओ, बिजली निगम दादरी।