चरखी दादरी। थानों में शिकायत देने वाले फरियादियों को कॉल कर पुलिस टीमें फीडबैक ले रही हैं। इसके लिए जिला मुख्यालय पर फीडबैक सेल बनाया गया है। यहां तैनात कर्मचारियों ने अगस्त से जनवरी के पहले सप्ताह तक दर्ज हुईं 2432 शिकायतों के संबंध में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिया। इनमें से 82 फीसदी शिकायतकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर संतुष्टि जताई है, जबकि 18 फीसदी शिकायतकर्ता पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं।
असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का भी अब शत प्रतिशत निदान कराने के लिए अलग से कमेटी का गठन किया गया है, जो ऐसे मामलों को सुलझाएगी। फीडबैक सेल में स्पेशल सेल इंचार्ज के साथ अलग से स्टाफ की तैनाती भी की गई है, जो दर्ज शिकायतों पर सिर्फ फीडबैक लेकर पुलिस कार्रवाई के बारे में लोगों की राय जानने का काम कर रही है।
पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि पुलिस ने हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल करने के साथ लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने और शिकायतों पर निगरानी बढ़ाने के साथ जांच की खामियों को सुधारने के मकसद से फीडबैक सेल का गठन किया है। फीडबैक सेल में एचसी धर्मेंद्र को इंचार्ज बनाया गया है। स्टाफ को फीडबैक लेने के लिए बाकायदा प्रशिक्षण भी विभाग की ओर से दिया गया है।
- फीडबैक सेल में आ रहीं दो प्रकार की शिकायत
फीडबैक सेल में दो तरह की शिकायतें आ रही हैं। एक तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आने वाली शिकायतें हैं जबकि दूसरी पुलिस चौकी और थानों में दर्ज होने वाली शिकायतें। एसपी कार्यालय, पुलिस चौकी और थानों में दर्ज शिकायतों पर रिकॉर्डिंग कर पुलिस कार्रवाई से संबंधित संतुष्टि के बारे में जाना जाता है।
- रुक्का पर भी फीडबैक ले रही पुलिस
किसी अपराध में अगर कोई व्यक्ति घायल होकर अस्पताल में इलाज के लिए जाता है तो उसकी एमएलआर कटने के बाद अस्पताल से संबंधित चौकी और थाने में आने वाले रुक्का पर भी फीडबैक लिया जा रहा है। पुलिस कर्मचारी ये जान रहे है कि समय पर बयान दर्ज हुए हैं या नहीं, उसी दिन घटनास्थल पर जांच अधिकारी पहुंचा या नहीं या घटनास्थल की वीडियो बनाई है या नहीं।
अगर आप भूल गए तो पुलिस याद दिलाएगी कोर्ट में गवाही
जो मामले न्यायालय तक पहुंच गए हैं। उसमें अगर आपकी गवाही है तो फीडबैक ऑफिस से आपके पास एक दिन पहले फोन आएगा कि आपकी अगले दिन कोर्ट में गवाही है। गवाही से जुड़ी बातें भी बताई जाएंगी और गवाही से संबंधित कोई संशय है तो वह भी दूर किया जाएगा।
हर शिकायत पर लोगों का फीडबैक लिया जा रहा है। इसमें दोबारा ये देखते हैं कि जांच में कोई कमी तो नहीं रह गई है। इससे जांच अधिकारी को भी और सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके साथ पुलिस में दर्ज होने वाली शिकायतों पर जनता का कार्रवाई को लेकर संतुष्टि का स्तर भी पता लगता है। -नितिका गहलोत, एसपी, चरखी दादरी।