चरखी दादरी। जिले में नहरी पानी से 65 से अधिक जलघरों को भर दिया गया है जिससे आगामी 16 दिनों तक पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। 20 अप्रैल से 16 दिन तक नहरों में लगातार पानी चलने के दौरान सिंचाई विभाग ने टेल तक पानी पहुंचाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की और जलघरों की साइटों का नियमित दौरा किया। अब जिले में नहरी पानी की अगली बारी 24 दिन बाद आएगी। अब लोगों को 16 दिन तक पेयजल संकट से राहत मिल सकेगी।
167 गांवों में होती है जलापूर्ति
नहरों में 20 अप्रैल को 700 क्यूसिक पानी पहुंचा था। उस समय अधिकतर जलघर खाली थे। जिला भर में 65 से ज्यादा जलघर हैं। जिले के 167 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिडिय़ा, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा गया है।
78 गांव के जोहड़ नहरों से जुड़े
जिले की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 78 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिला की नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। गर्मी सीजन को देखते हुए फिलहाल जोहड़ व जलघर पानी से भर दिए गए हैं। आने वाले दिनों में पानी की खपत और बढ़ने वाली है। सिंचाई विभाग अधिकारियों के अनुसार इस बार पानी पर्याप्त मात्रा में मिला। जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला गया है।
गांव में चार दिन में होती है पानी की सप्लाई
गांवों में तीन से चार दिन में एक बार पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। शहर में एक दिन छोड़कर आपूर्ति की जा रही है। शहर में ज्यादातर दुकानदार व मकान मालिक प्राइवेट आरओ संचालकों से पानी खरीद रहे हैं क्योंकि सरकारी पेयजल आपूर्ति में गुणवत्ता नहीं है। यह पीने के लायक नहींं है। सरकारी पेयजल को घरेलू कार्यों मेंं इस्तेमाल किया जा रहा है, या फिर लोग अपने खुद की आरओ मशीन से पानी को फिल्टर करके पी रहे हैं।
वर्सन:
जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी भरा गया है। इस बार नहरी पानी की कमी नहीं रही। लोग पानी की एक-एक बूंद बचाने का काम करें। जितने दिन नहरों में चला,अधिकारियों ने लगातार साइटों का दौरा किया।- सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग