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Charkhi Dadri News: 60 में से 58 जलघर हुए नहरी पानी से लबालब

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जलघर के टैंक में डल गया पानी।
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चरखी दादरी। इस बार नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने व बारिश होने पर जिला के 60 जलघरों में 58 पानी से लबालब हो गए है। विभाग के अधिकारी लगातार साइटों का निरीक्षण कर जलघरों व जोहड़ों को पानी से लबालब करने की कवायद में जुटे हैं। 22 नवंबर को नहरों में पानी छोड़ गया था।
दरअसल, नहरी टर्म से पहले शहर के साथ जिले में पेयजल संकट गहरा गया था। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। वहीं, इसके चार दिन बाद नहरों में पानी पहुंच गया। नहरों में पानी आते ही विभागीय अधिकारियों ने जलघरों और जोहड़ों को भरने की कवायद शुरू कर दी है। अब तक 58 जलघरों के टैंक पानी से भरे जा चुके हैं। नहरों में इस बार 16 दिन पानी चलेगा।
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- यूं भरे जाते हैं शहर के दोनों जलघर
लोहारू कैनाल से नगर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना नहर से शहर के दूसरे रामनगर जलघर में पानी डाला जाता है। चंपापुरी मेन जलघर में चार स्टोरेज वाटर स्टोरेज टैंक बने हुए हैं, जबकि दूसरे रामनगर जलघर में दो वाटर टैंक बने हुए हैं। जलघर के वाटर टैंकों में पंप एवं मोटर के जरिये पानी डाला जाता है।
- बारिश के चलते हुई नहरी पानी की बचत
रबी की फसलें छोटी होने के कारण खेतों में पानी की जरूरत नहीं है। इस वजह से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जा सका है। इस बार पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने व ऊपर से बारिश होने की वजह से अधिकतर नहरों की टेल फीड हो रही हैं।

-15वें दिन 900 क्यूसेक पानी की खपत
जिले में हर 15वें दिन 900 क्यूसेक पानी की खपत है। गर्मी के मौसम में तो नहरों में पानी की टर्न 15 के बजाय 24 दिन कर दी जाती है। ऐसे में विभाग ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई करता है जो खारा होता है। ट्यूबवेल का पानी गुणवत्तापरक नहीं है। अब सिंचाई विभाग अधिकारियों द्वारा नहरों की साइटों का लगातार निरीक्षण करने पर पानी जलघरों में पहुंचा है। 58 जलघरों में पानी भरा जा चुका है।



- जलघरों की भंडारण क्षमता है कम
शहर में पानी की भंडारण क्षमता कम है और इस वजह से समय- समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए कम से एक माह की भंडारण क्षमता होनी चाहिए तब जाकर पेयजल की किल्लत दूर हो सकती है। पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए 115 करोड़ का बजट मंजूर हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर में मौजूद वाटर टैंकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नई पाइप लाइनें भी बिछाई जाएंगी।
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-पांच दिसंबर तक सभी जलघरों में पानी डाल दिया जाएगा। अधिकतर जलघर भर दिए गए हैं। बारिश होने पर इस बार सिंचाई के लिए पानी की इतनी जरूरत नहीं है। नहरी यानी की कोई कमी नहीं है।
-सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग


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