फतेहाबाद के पुराने बस स्टैंड के सामने बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
फतेहाबाद। रोहतक के पहरावर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में जिले से 31 रोडवेज की बसें गई। जिसके कारण शुक्रवार को यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस कार्यक्रम के लिए सरकार की ओर से रोडवेज से 406 बसों की मांग की गई थी।
बसों की इस अचानक मांग होने से यात्रियों को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। इससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावित रही। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्हें निजी वाहनों का भी सहारा लेना पड़ा। बता दें कि रोहतक के पहरावर गांव में भगवान परशुराम जन्मोत्सव समारोह पर आयोजित कार्यक्रम के लिए राज्यभर से बसों को भेजा गया था।
जिसमें फतेहाबाद डिपो की भी 31 बसें शामिल थीं। ये बसें मुख्य रूप से उन ग्रामीण रूटों पर चलती थीं जो जिले के दूरदराज के गांवों को शहर से जोड़ती हैं। बसों के रवाना होने से इन रूटों पर एक भी बस उपलब्ध नहीं हो पाई, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों, दैनिक यात्रियों, और काम पर जाने वाले ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। यात्रियों ने ऑटो-रिक्शा या निजी वाहनों का सहारा लिया, जिसके लिए उन्हें अधिक किराया चुकाना पड़ा।
:: रोहतक में आयोजित कार्यक्रम के लिए वीरवार शाम को बसों की मांग की गई थी। ऐसे में फतेहाबाद डिपो से बसों को रवाना करना पड़ा। शुक्रवार शाम तक बसें डिपो में लौट आईं। जिसके बाद बस सेवा सुचारू तौर पर शुरू कर दी गई है।
-सुभाष ढांड, बस अड्डा इंनचार्ज, रोडवेज डिपो फतेहाबाद।