चरखी दादरी। दादरी के रावलधी-भिवानी लिंक रोड बाईपास पर बने रेलवे ओवरब्रिज पर लगीं 30 लाइटें पिछले करीब एक वर्ष से बंद पड़ी हैं। आगामी दिनों में होने वाली धुंध के दौरान ये लाइटें बंद रहने से हादसों की संभावना बनी हुई है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों ने जिला प्रशासन से बंद पड़ी लाइटों को चालू करवाने की मांग की है, ताकि समय रहते किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
बता दें कि लोक निर्माण विभाग ने भारी वाहनों को दादरी शहर के अंदर के बजाय बाईपास से आवागमन सुनिश्चित करने के लिए रावलधी-भिवानी लिंक रोड बाईपास का निर्माण करवाया था। इस बाईपास मार्ग पर आरओबी का निर्माण भी करवाया गया था। उसी दौरान आरओबी के एक तरफ 30 लाइटें लगवाई गई थी। ताकि रात के समय पर्याप्त रोशनी होने से हादसों को टाला जा सके। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण ये सभी लाइटें पिछले एक वर्ष से बंद पड़ी हैं। जिससे यहां से प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को हादसों का अंदेशा बना रहता है।
गौरतलब है कि जिले के क्रशर जोन से निर्माण सामग्री लेकर अधिकांश भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। ऐसे में आरओबी की बंद पड़ी लाइटें वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। आरओबी से गुजरने वाले वाहन चालक हरिप्रकाश, रामचंद्र, रमेश कुमार, प्रभातीलाल, धर्मेंद्र कुमार, सतीश कुमार आदि ने बताया कि ठंड शुरू होने के साथ ही आरओबी पर भी भारी धुंध होगी। पर्याप्त रोशनी न होने के कारण यहां वाहनों के टकराने की आशंका बनी रहती है।
आरओबी से प्रतिदिन गुजरते हैं हजारों वाहन
दादरी से रोहतक, दिल्ली, झज्जर, गुरुग्राम आदि तथा दूसरी तरफ से आकर भिवानी, लोहारू, पिलानी, बाढड़ा की तरफ जाने वाले वाहन शहर के भीड़भाड़ से बचाने के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। इसके अलावा जिले के क्रशर जोन से निर्माण सामग्री का परिवहन करने वाले वाहन भी यहीं से होकर गुजरते हैं। जिसके चलते यहां दिन और रात के समय वाहनों का आवागमन लगा रहता है।
आरओबी पर नहीं है सुरक्षा उपकरण
रावलधी-भिवानी लिंक रोड बाईपास पर बने आरओबी पर जहां लाइटें बंद पड़ी हैं, वहीं सफेद पट्टी भी यहां से नदारद है। आरओबी की ग्रिल से रिफ्लेक्टर व रेडियम स्टीकर भी गायब हैं। संबंधित विभाग की लापरवाही वाहन चालकों पर भारी पड़ सकती है।
बंद पड़ी लाइटों को ठीक करवाने के लिए इलेक्टि्रकल विंग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा जाएगा। उसके बाद ही लाइटों के बंद रहने का सही कारण पता चल सकेगा। जल्द ही लाइटों को दुरुस्त करवाया जाएगा।
- गुरुचरण सिंह, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, दादरी।