चरखी दादरी। लिपिक वर्ग की हड़ताल का दादरी जिले में व्यापक असर देखने को मिला। एसोसिएशन का दावा है कि जिले में 93 प्रतिशत लिपिक हड़ताल पर रहे और इसके चलते विभिन्न विभागों की सेवाएं प्रभावित रहीं। दूसरी ओर लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र लिपिक वर्ग की हड़ताल से ठप रहा और यहां से एक हजार से अधिक लोगों को बिना काम करवाए ही वापस लौटना पड़ा।
एसोसिएशन के बैनर तले लिपिकों ने किला मैदान में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। वहीं, जिला प्रधान प्रदीप सांगवान ने बताया कि हड़ताल वीरवार को भी जारी रहेगी। बता दें कि लिपिक वर्ग लगातार अपने हकों की मांग उठा रहा है, लेकिन सरकार ने अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है। मांगों के प्रति सरकार की नजरअंदाजी को देखते राज्य कार्यकारिणी ने लिपिक वर्ग से हड़ताल पर जाने का आह्वान किया था। पहले ही दिन इसका दादरी जिले में व्यापक असर रहा। आलम ये रहा कि उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम और अन्य अधिकारियों के कार्यालय समेत सरल केंद्र व विभिन्न विभागों में कार्यरत 305 लिपिक में से 285 हड़ताल में शामिल रहे और इसके चलते रुटिन कार्य तक प्रभावित रहे। इतना ही नहीं अलग-अलग कामों से विभागों में पहुंचे लोगों को भी बिन काम करवाए ही लौटना पड़ा।
दूसरी ओर लिपिक एसोसिएशन के बैनर तले जिले में तैनात लिपिक कर्मचारियों ने किला मैदान में सुबह से शाम तक धरना दिया। जिला प्रधान प्रदीप सांगवान ने धरने को संबोधित करते हुए कहा सरकार लंबे समय से लिपिक वर्ग की मांगों की अनदेखी कर रही है। सरकार विभिन्न पदों की समीक्षा करती है, लेकिन आज तक लिपिक वर्ग के कार्यों की तरफ ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि पहले और दूसरे वेतन आयोग में लिपिक वर्ग का वेतनमान कई पदों से ज्यादा होता था, लेकिन सातवां वेतन आयोग लागू होने तक लिपिक वर्ग का वेतनमान अपग्रेड नहीं किया गया जबकि सरकार ने कई पदों के वेतनमान में वृद्धि कर दी। उप-प्रधान अजय ने कहा कि जब तक सरकार लिपिक वर्ग की मांग पूरी नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा और एसोसिएशन जो भी निर्देश देगी उन्हें धरातल पर लागू किया जाएगा।
- 3000 से ज्यादा लोगों ने झेली परेशानी
ब्लॉक वाइज स्थिति देखें तो दादरी में सर्वाधिक लिपिक हड़ताल में शामिल हुए। इसके अलावा बाढड़ा, बौंदकलां व झोझूकलां में भी लिपिकों ने हड़ताल की। लिपिक के न आने का असर कई विभागों के कामकाज पर पड़ा। कुछ विभाग तो ऐसे रहे जिनमें एक भी लिपिक ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। लिपिकों के हड़ताल करने से जिले में तीन हजार से ज्यादा लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। अकेले सरल केंद्र से एक हजार से ज्यादा लोग बिन काम करवाए लौटे।
- ब्लॉकवाइज ये है लिपिक की तैनाती
ब्लॉक- लिपिक तैनात
दादरी- 200
झोझूकलां-30
बौंदकलां-30
बाढड़ा-45
- ये कार्य हुए प्रभावित
लिपिक वर्ग की हड़ताल से रिहायशी प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्टरी, डाक, बिल भुगतान, परिचालकों को टिकट जारी करना, कार्यालय आदेश जारी करना, इंतकाल, फरद निकलवाना, आरसी बनवाना आदि कार्य प्रभावित रहे। स्वास्थ्य विभाग में तैनात सभी 38 और नगर परिषद में तैनात 5 लिपिक हड़ताल पर रहे और इससे दोनों जगह सेवाओं पर काफी असर पड़ा। दूसरी ओर अन्य विभागों में भी ये ही हाल रहा।
लोग बोले: नहीं बन पाया काम, बेवजह हुई परेशानी
- सरल केंद्र में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करने आया था। यहां आया तो सीट पर कोई कर्मचारी हाजिर नहीं मिला। अब हड़ताल खत्म होने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर पाऊंगा। बुधवार को बेवजह परेशानी उठानी पड़ी।
-दीपक शर्मा, छपार
- मुझे ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू करवाना था और बुधवार को इसके लिए आवेदन करने लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र पर आया था। यहां कर्मचारियों की सीटें खाली मिली और पूछताछ करने पर हड़ताल का पता चला। अब दोबारा भागदौड़ करनी पड़ेगी।
-मोहन कुमार, रावलधी
दादरी जिले में करीब 305 लिपिक तैनात हैं जिनमें से 285 बुधवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते ज्यादातर विभागों में सेवाएं प्रभावित रहीं। वीरवार को भी हड़ताल जारी रहेगी।
-प्रदीप सांगवान, जिला प्रधान, लिपिक एसोसिएशन