डिपो के बेडे़ में शामिल 110 में से 25 बसें कंडम होकर लंबे समय से वर्कशॉप में खड़ीं हैं। अधिकारियों की माने तो ये बसें सड़क पर चलने के लायक भी नहीं हैं । 24 से अधिक बसें कंडम होने के चलते स्थानीय मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रभावित हुई है। पहले के मुकाबले बसों के फेरे घटाने पड़े हैं। जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दादरी डिपो से लोहारू सब डिपो भी संबद्ध है। डिपो के बेडे़ में लोहारू की भी 53 बसों को शामिल कर लें तो बसों को कुल संख्या 163 बनती है। दादरी बस स्टैंड के 11 बूथों पर प्रतिदिन 80 रूटों के लिए बसें चलती हैं। पिछले करीब दो माह से दादरी डिपो के बेडे़ में बसों की कमी बनी हुई है। रोडवेज वर्कशॉप में 25 बसें कंडम खड़ी हैं जो मरम्मत लायक भी नहीं हैं। इन बसों को विभाग कंडम मान चुका है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि बसों की कमी को दूर करने के लिए वो प्रयासरत्त हैं और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है।
दादरी डिपो से 10 हजार यात्री करते हैं सफर
दादरी बस स्टैंड परिसर से प्रतिदिन करीब 10 हजार यात्री सफर करते हैं। 80 रूटों पर बसों के पहिये दौड़ने से रोडवेज को प्रतिदिन करीब दस लाख रुपये की आमदनी होती है। 25 बसें कंडम होने का असर पर अब रोडवेज की आमदनी पर भी पड़ रहा है।
इन मार्गों पर बस सेवा प्रभावित
रानीला रूट पर इस समय रोडवेज बस नहीं चल रहीं है। इसके अलावा मानकावास मार्ग पर जाने वाली बस भी बंद है। बेरला-बाढड़ा रूट पर चलने वाली बस सेवा भी बाधित है। इन मार्गों पर कॉलेजों और स्कूलों में पढ़ने वालीं छात्राएं और छात्र सफर करते हैं। बस सेवा बंद होने से वो परेशान हैं। एनटीपीसी झाड़ली मार्ग की बस सेवा भी बंद है।
15 से 20 बसों की रोजाना होती है मरम्मत
वर्कशॉप में रोजाना 15 से 20 बसें ठीक होने के लिए रोडवेज वर्कशॉप में आती हैं। ये बसें कंडम बसों से अलग हैं। ऐसे में एक दिन में अधिकतम 60 से 70 बसें ही अपने निर्धारित फेरे पूरा कर पा रही हैं। बस खराब होने पर कई ट्रिप मिस भी हो रही है।
बस स्टैंड परिसर पड़ा छोटा
दादरी बस स्टैंड परिसर का दायरा बेहद कम है। यहां 11 बूथ ही बनाए गए हैं। वर्कशॉप भी बस स्टैंड परिसर के साथ ही चल रही है। पिछले एक दशक से बस स्टैंड पर बूथों की संख्या बढ़ने का इंतजार है लेकिन जगह की कमी इसमें आड़े आ तही है।
जो बसें वर्कशॉप में खराब खड़ी हैं वो कंडम हैं। बसों की कमी के चलते ही कुछ मार्गों पर अभी बस सेवा बंद है। जल्द ही रोडवेज बसों की कमी को दूर किया जाएगा। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- रविश हुड्डा, जीएम, चरखी दादरी।