चिड़िया मोड़ पर कब्रिस्तान की गिरी हुई दीवार दिखाते मुस्लिम इंतजामिया कमेटी सदस्य।
चरखी दादरी। चिड़िया रोड स्थित शहर के कब्रिस्तान की एक तरफ की 20 फुट लंबी दीवार भरभरा कर गिर गई। दीवार की ऊंचाई करीब छह फुट है। वहीं, मुस्लिम इंतजामिया कमेटी ने जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही दीवार गिरने का कारण बताया है। कमेटी पदाधिकारियों का कहना है कि रामनगर एसटीपी की मुख्य लाइन लीकेज करने से कई दिनों तक कब्रिस्तान की दीवार के पास पानी भरा रहा।
कमेटी की ओर से स्थिति से अवगत कराने के बाद भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इसके चलते मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सदस्यों में नाराजगी बनी है। कमेटी सदस्यों का कहना है कि यहां भरे पानी की निकासी करवाने के लिए उन्होंने तीन बार जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया। समय रहते विभाग के अधिकारी पानी निकासी का स्थायी प्रबंध नही कर पाए और अब कब्रिस्तान के एक तरफ की दीवार गिर गई। उन्होंने जिला प्रशासन से गिरी दीवार को ठीक करवाने की मांग की है।
गौरतलब है कि शहर के चिड़िया मोड़ स्थित कब्रिस्तान करीब 104 साल पुराना है। इसकी दीवार के साथ लगातार तीन माह तक दूषित पानी भरा रहा। कमेटी सदस्यों ने बताया कि यही कारण है कि पुरानी दीवार भरभरा कर गिर गई। विभाग के अधिकारियों ने उनकी समस्या व शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।
हवाई जहाज हादसे के दौरान दफनाए गए थे 352 शव
इंतजामिया कमेटी प्रधान मोहम्मद शरीफ, सचिव अब्बास अंसारी, मौलाना मोहम्मद सुवालीन, साह अली, रिजाउल हक व अनवर हुसैन ने बताया कि स्थानीय कब्रिस्तान ऐतिहासिक है। 1996 में हुए विमान हादसे में मारे गए 352 लोगों के शव इसी कब्रिस्तान में दफनाए गए थे।