फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: भूमिगत जलस्तर बढ़ाने के लिए नहरों से जोड़े 13 गांवों के तालाब

Sat, 02 Nov 2024 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
विज्ञापन
पॉजिटव न्यूज
विज्ञापन

भूजल योजना के तहत भूमिगत जलस्तर बढ़ाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से उठाया गया कदम, 1.25 करोड़ रुपये आई लागत


चरखी दादरी। सिंचाई विभाग की ओर से अटल भूजल योजना के तहत भूमिगत जलस्तर बढ़ाने के लिए अब तक 13 गांवों में बने तालाबों को नहरों से जोड़ दिया गया है। वहीं, अन्य गांवों के लिए भी प्रस्ताव मुख्यालय भेज रखे हैं। पहले चरण में तीन गांवों के तालाबों को नहरों से जोड़ा गया था।
इस योजना के तहत एक से दो किलोमीटर की दूरी में जिस भी गांव से नहरें गुजरती हैं, उन गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ा गया है। नहर से जोहड़ तक अलग से पाइप लाइन बिछाई गई है। ताकि, नहरी पानी से जोहड़ों को भरा जा सके और इससे आसपास का जलस्तर ऊपर आ सके। इसके लिए अब तक 13 गांवों के तालाबों को नहरों से जोड़ दिया गया है। विभाग ने इन 13 गांवों के लिए पाइपलाइन बिछाने पर करीब सवा करोड़ का बजट खर्च किया है।
विज्ञापन

दरअसल, जिले में 167 में से करीब 70 गांवों में भूमिगत जलस्तर काफी नीचे है, जो चिंता का विषय बना हुआ है। जिले के बाढड़ा खंड में तो कई गांव ऐसे हैं, जिनमें 85 से 95 मीटर नीचे पानी है। ऐसे में इस क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल के लिए भी आने वाले कुछ समय में संकट होना स्वाभाविक है। संवाद
- विभाग ने यह कदम भी उठाए
जलस्तर सुधार के लिए विभाग की ओर से भी समय-समय पर नीतियां बनाई जा रही हैं। गांवों में जल संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं। सोख्ता गड्ढों का निर्माण भी कर रखा है ताकि बारिश के पानी का संचयन हो सके। किसानों को भी बारिश के पानी के संचयन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकारी भवनों में पानी संचयन का काम चल रहा है।



- नहर से जोड़े जा चुके इन गांवों के तालाब
अब तक विभाग ने गांव काकड़ोली हुक्मी, डोहका हरिया, डोहका दीना, हड़ोदा, हड़ोदी, मांढ़ी केहर, द्वारका व लाडावास आदि 13 गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ दिया।

- इन गांवों के भेजे गए हैं प्रस्ताव
विभाग ने उमरवास, जीतपुरा, पोकरवास, डोहका मौजी व काकड़ोली सरदारा सहित अन्य कई गांवों के तालाबों को नहरों से जोड़ने के प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिए हैं। पहले ग्राम पंचायतों की ओर से विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव दिए गए थे। प्रत्येक गांव में पाइपलाइन पर करीब 10 से 15 लाख रुपये तक का बजट खर्च होना है।
विज्ञापन



वर्सन:
एक से दो किलोमीटर की दूरी में जिस भी गांव से नहरें गुजरती हैं, उन गांवों के जोहड़ों को नहरों से जोड़ा जा रहा है। अब तक 13 गांवों के तालाबों को नहरों से जोड़ दिया गया है। नहर से जोहड़ तक अलग से पाइपलाइन बिछाई गई है। ताकि, नहरी पानी से जोहड़ों को भरा जा सके। इससे आसपास का जलस्तर ऊपर आ सकेगा।

-खुर्शीद अहमद, सूचना संचार एवं भूजल विशेषज्ञ
फोटो-=33
ढाणी फोगाट गांव में बना तालाब। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें