बुजुर्ग खिलाड़ी रामबाई की दोहती संतरा देवी ने जानकारी देते हुए बताया कि नानी रामबाई ने डिस्कस थ्रो और शॉटपुट में स्वर्ण हासिल किए। उनकी 100 मीटर की दौड़ रविवार को आयोजित होगी। इससे पहले उन्होंने राजस्थान के अलवर में आयोजित ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी तीन स्वर्ण पदक हासिल किए थे।
उम्र की बाधा लांघकर 107 वर्षीय महिला रामबाई ने एक बार से फिर से खेल मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। तेलगाना में आयोजित 5वीं राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते हैं। वहीं, उनकी 65 वर्षीय बेटी संतरा देवी ने भी चैंपियनशिप की तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में दो रजत और एक कांस्य पदक जीता है। मां- बेटी ने राष्ट्रीय स्पर्धा में पांच पदक जीतकर कादमा क्षेत्र और दादरी जिला समेत हरियाणा का नाम रोशन किया है।
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बुजुर्ग खिलाड़ी रामबाई की दोहती संतरा देवी ने जानकारी देते हुए बताया कि नानी रामबाई ने डिस्कस थ्रो और शॉटपुट में स्वर्ण हासिल किए। उनकी 100 मीटर की दौड़ रविवार को आयोजित होगी। इससे पहले उन्होंने राजस्थान के अलवर में आयोजित ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी तीन स्वर्ण पदक हासिल किए थे। राजस्थान के बाद उनका ये प्रदर्शन तेलगाना में भी जारी है।
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वहीं, रामबाई की छोटी बेटी 65 वर्षीय संतरा देवी ने 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया। वहीं, शॉटपुट स्पर्धा में कांस्य पदक और 5 किलेमीटर पैदल चाल में रजक पदक हासिल किया। इस बार संतरा देवी की 40 वर्षीय बेटी शर्मिला स्पर्धा में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब नहीं हो पाईं। उनके अनुसार उनके वर्ग में प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी काफी कम उम्र के थें और इसके चलते मुकाबला चुनौतीपूर्ण रहा।
खिलाड़ियों, कोच और आयोजकों ने सराहा हौसला
107 वर्ष की उम्र में बुजुर्ग का चारपाई से उठना भी संभव नहीं हो पाता जबकि इस उम्र में रामबाई खेल मैदान में छाईं हुई हैं। तेलगाना में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खिलाड़ियों, कोच और आयोजकों ने उनके हौसले की सराहना की है।