सरस मेले के लिए दादरी से रवाना होती महिलाएं।
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चरखी दादरी। पंचकूला में चल रहे सरस मेले में दादरी जिले की 100 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले में महिलाओं ने न केवल अपने उत्पाद प्रदर्शित किए, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तलाशे। यह भ्रमण हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से दादरी रोडवेज डिपो की बसों के माध्यम से निशुल्क करया गया, ताकि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बड़े स्तर पर आयोजित ऐसे आयोजनों का अनुभव ले सकें और अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के तरीकों को समझ सकें।
मेले में शामिल महिलाओं ने हैंडीक्राफ्ट, हस्तशिल्प, मिट्टी व जूट के उत्पाद, घरेलू खाद्य सामग्री और स्थानीय पारंपरिक वस्तुओं के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आई महिला उद्यमियों से संवाद कर विपणन, पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार और ऑनलाइन बिक्री के तौर-तरीकों के बारे में जानकारी हासिल की। इससे ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा और यह समझ विकसित हुई कि उनके द्वारा बनाए गए उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान पा सकते हैं।
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के दादरी जिला कार्यक्रम अधिकारी शिवांशु मिश्रा ने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को बड़े बाजार और उद्यमशीलता के क्षेत्रों से परिचित कराना है, ताकि वे अपने समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले महिलाओं को प्रेरित करते हैं और उन्हें यह अनुभव होता है कि मेहनत और कौशल के बल पर वे भी सफल उद्यमी बन सकती हैं।
मिश्रा ने बताया कि मिशन की ओर से समय-समय पर इस तरह के आयोजन करवाए जाते हैं, जिनसे महिलाओं की आय बढ़ाने के नए रास्ते खुलते हैं। मेले से लौटकर महिलाओं ने बताया कि यह अनुभव उनके लिए बेहद उपयोगी रहा और अब वे अपने काम को नए ढंग से आगे बढ़ाने की तैयारी करेंगी। ग्रामीण महिलाओं का यह भ्रमण दादरी जिले में महिला सशक्तीकरण और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगा।