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तबादला नीति : अनुशासनात्मक कार्रवाई होने पर काटे जाएंगे अंक

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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पांच साल पुरानी ऑनलाइन तबादला नीति में बदलाव कर सभी विभागों के लिए एक मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू कर दी है। पहले सभी विभागों की अपनी एक नीति थी। तबादला नीति में पहली बार निगेटिव मार्किंग रखी गई है। यदि किसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई होगी तो उसके दस अंक काटे जाएंगे। वहीं, तबादला होने के बाद आदेश नहीं मानने वाले कर्मचारियों का वेतन रोक लिया जाएगा।
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नई नीति के मुताबिक अब 50 और इससे कम कर्मचारियों वाले विभागों में भी ऑनलाइन ट्रांसफर नीति लागू होगी। पहले यह नीति 80 या उससे ज्यादा कर्मचारी संख्या वाले विभागों में लागू थी। वहीं, 50 से कम कर्मचारियों वाले विभागों में यह नीति लागू करने का अधिकार प्रशासनिक सचिव के पास रहेगा। इस नीति में महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। ट्रांसफर के लिए बनने वाली मेरिट में हर महिलाओं को दस अंक दिए जाएंगे। वहीं, 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला कर्मचारी, विधवा, तलाकशुदा को अतिरिक्त दस अंक मिलेंगे।

वहीं, सैन्य या अर्धसैनिक बलों की पत्नियों को भी दस अंक दिए जाएंगे। जो महिलाएं हाल ही में शादीशुदा, विधवा, तलाकशुदा या न्यायिक रूप से अलग हुई हैं और जिनके पास चिकित्सीय या पारिवारिक कारण हैं, वे ऑनलाइन प्रक्रिया से बाहर अस्थायी तबादले के लिए आवेदन कर सकती हैं। विभागाध्यक्ष की ओर से इसकी वास्तविकता जांच के बाद इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा।
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सामान्य ऑनलाइन तबादले हर साल किए जाएंगे। हालांकि पदोन्नति, प्रत्यक्ष भर्ती और प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर तबादला या तैनाती मुख्यमंत्री के पूर्व अनुमोदन से किसी भी समय की जा सकती है। वहीं, इस नीति में अब किसी नेता व मंत्री की सिफारिश नहीं चलेगी। मुख्यमंत्री को ही विशेषाधिकार दिया गया है।
कर्मचारियों को आपत्ति दर्ज करवाने के लिए मिलेंगे सात दिन : सक्षम प्राधिकारी ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव तैयार करवाएगा और इसके तैयार होने के 15 दिनों के भीतर एचआरएमएस से प्राप्त कर्मचारी डेटा को अपडेट किया जाएगा। नोडल अधिकारी की ओर से काडर के सभी कर्मचारियों के अंक और कार्यकाल का विवरण प्रकाशित किया जाएगा। कर्मचारियों को अपने डेटा को सत्यापित करने और आपत्ति दर्ज करवाने के लिए सात दिन का समय मिलेगा और अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो विभागाध्यक्ष द्वारा तय किया गया डेटा अंतिम माना जाएगा। नोडल अधिकारी विभागाध्यक्ष से आपत्ति को 10 दिनों के भीतर हल करवाएगा।

यदि कर्मचारी निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो फैसला मिलने के 3 दिन के भीतर वह फिर से आपत्ति उठा सकता है। आपत्ति की पुनः जांच करने पर विभागाध्यक्ष का निर्णय अंतिम होगा। उधर, दूसरी ओर तबादला प्रक्रिया से असंतुष्ट कोई भी कर्मचारी, अपनी तैनाती के नए स्थान पर ज्वाइन करने के 15 दिन के भीतर अपने तबादले के खिलाफ intraharyana. nic.in के माध्यम से अधिकारी को शिकायत दे सकता है। समाधान 15 दिनों में होगा। ब्यूरो
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