कहीं मैकेनिक कम तो कई डिपो पर निरीक्षकों का टोटा, ऐसे में बसों में औचक निरीक्षण प्रभावित
दो मई को निरीक्षक, यार्ड मास्टर, मैकेनिक, सहायक निरीक्षकों व लिपिकों के लिए थे स्थानांतरण
अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज में दो मई को हुए बड़े पैमाने पर स्थानांतरण से कई काम पटरी पर उतर गए हैं। प्रदेशभर में दो मई को 1014 कर्मचारियों का तबादला किया गया था। अब प्रदेश के कई डिपो पर मैकेनिक कम हैं तो कहीं निरीक्षकों का टोटा है। मैकेनिक कम होने से तकनीकी खामियों को दूर कराने में डिपो पर परेशानी है। इसी तरह से निरीक्षकों की कमी के चलते औचक निरीक्षक भी कराने में परेशानी आ रही है।
हरियाणा रोडवेज के डारेक्टर जनरल ट्रांसपोर्ट सुजान सिंह ने 73 निरीक्षक, 19 यार्ड मास्टर, 92 मैकेनिक, 282 उप निरीक्षकों के साथ ही 548 लिपिकों का स्थानांतरण किया था। हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रदेश महासचिव सुमेर सिवाच के मुताबिक, अभी भी काम प्रभावित हैं। क्योंकि स्थानांतरण के बाद सात दिन अवकाश लेने का अधिकार होता है, ऐसे में कुछ कर्मचारी अवकाश पर चले गए। इसी तरह से दूसरी परेशानी कर्मचारियों को है। सरकार ने स्थानांतरण के लिए पोर्टल खोला था। पोर्टल में स्टेशन या डिपो भरने के लिए तीन विकल्प दिए थे, लेकिन पोर्टल खोलने के दूसरे दिन शनिवार और तीसरे दिन रविवार आ गया। ऐसे में पोर्टल पर कर्मचारी अपना स्टेशन या डिपो नहीं भर सके। कुछ बीमार कर्मचारी भी इनमें शामिल है। ऐसे कर्मचारियों को निकट के बजाय दूर के स्टेशन या डिपो दे दिए गए हैं। यूं तो नियमानुसार अधिकतर कर्मचारी पांच मई को ही अपने स्टेशन पर पहुंच गए थे। अब प्रदेशस्तरीय कमेटी के समक्ष दोबारा से निवेदन-पत्र दे रहे हैं, जिसमें नियमानुसार कर्मचारी डिपो या स्टेशन चुनने का समय मांग रहे हैं। इस प्रकरण से प्रदेश के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, आगामी दिनों में एक प्रतिनिधि मंडल भी उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेगा।