30 दिन से ज्यादा चीनी रखने पर भी रोक, हर शुक्रवार पोर्टल पर देनी होगी स्टॉक की जानकारी
चीनी के दाम बढ़ने पर कालाबाजारी का अंदेशा, सरकार ने निगरानी बढ़ाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चीनी की जमाखोरी रोकने और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए हरियाणा सरकार ने चीनी व्यापारियों के लिए भंडारण सीमा तय कर दी है। अब कोई भी व्यापारी 4,000 क्विंटल यानी 400 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। इसके अलावा खरीदी गई चीनी को 30 दिन से ज्यादा समय तक भंडारित करने पर भी रोक रहेगी।
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी संबंधित व्यापारियों को इसका पालन करने के निर्देश दिए हैं। सीएम के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों को इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशाें के अनुसार सभी चीनी व्यापारियों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। व्यापारियों को अपने मौजूदा स्टॉक की जानकारी भी पोर्टल पर तुरंत दर्ज करनी होगी। इसके बाद हर शुक्रवार को स्टॉक की स्थिति अपडेट करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने, गलत या अधूरी जानकारी देने अथवा जानकारी देने में देरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा चीनी न खरीदें और न ही जमाखोरी करें। सरकार बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रख रही है। यदि कोई व्यापारी के तय सीमा से ज्यादा चीनी रखने, जमाखोरी करने या अधिक कीमत वसूलने की जानकारी मिलती है तो लोग इसकी शिकायत संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में कर सकते हैं। विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना, जमाखोरी पर रोक लगाना और बाजार में आपूर्ति सुचारु रखना है।