मंत्री अनिल विज ने पूछा कि सरकार को राजस्व कितना मिलेगा, दूसरे राज्यों में चल रही ऐसी योजनाओं का करना होगा अवलोकन
चंडीगढ़। हरियाणा में तीन शहरों में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में स्थापित होने वाले तीन बस अड्डों को लेकर पेच फंस गया है। प्रदेश के परिवहन मंत्री ने योजना को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं और सुझाव भी दिया है।
परिवहन मंत्री ने पीपीपी मोड से सरकार को कितने राजस्व का लाभ होगा, इसका ब्योरा तैयार करने को कहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किन्हीं दूसरे राज्यों में इस तरह की योजनाएं क्रियान्वित हो रही हैं तो उनका विस्तृत ब्योरा दिया जाए। मंत्री ने सवाल उठाए कि योजना से जुड़ी कंपनियों को राजस्व से जुड़ा लाभ होता दिख रहा है, लेकिन सरकार को कितना लाभ होगा यह ब्योरा अधिकारियों को देना होगा।
प्रदेश के परिवहन मंत्री अनिल विज ने परिवहन विभाग की योजना से जुड़ी फाइल को यह कहते हुए वापस कर दिया कि इस बाबत पहले दूसरे राज्यों का अवलोकन होगा। यदि किसी राज्य में योजना पर काम हुआ है तो वहां सरकार को राजस्व का कितना मुनाफा हो रहा है, इसे लेकर ब्योरा तैयार करना होगा। संबंधित योजना पर कार्य कराने और इससे सरकार को अधिक राजस्व कैसे प्राप्त हो सके, इसे लेकर भी ब्योरा मांगा है।
योजना को लेकर मंत्री विज ने कहा कि सरकार को होने वाले राजस्व के लाभ का कहीं भी स्पष्ट उल्लेख नहीं है। प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-2026 में पीपीपी मोड पर गुरुग्राम, सोनीपत और पिपली में अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नए बस अड्डों के निर्माण का निर्णय लिया था। इनके अलावा बजट में ही करनाल और बल्लभगढ़ में भी इसी तरह की योजना पर काम कराने का प्रस्ताव पास हुआ था।