चंडीगढ़। प्रदेश में लिंगानुपात में वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य में पहली जनवरी से 24 नवंबर 2025 तक लिंगानुपात 914 दर्ज किया गया है जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 905 था।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधीर राजपाल ने कम लिंगानुपात वाले चार जिलों चरखी दादरी, सिरसा, पलवल और यमुनानगर के उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों को सिविल सर्जनों के साथ मिलकर लिंगानुपात बढ़ाने के लिए सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इन जिलों के उपायुक्तों को अवैध गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग करवाने व पूरे मामले की मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।
एसीएस सुधीर राजपाल मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लिंगानुपात में सुधार को लेकर राज्य टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने सभी जिलों के प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे परस्पर तालमेल स्थापित कर इस वर्ष लिंगानुपात का आंकड़ा 920 तक ले जाने का प्रयास करें। साथ ही शहरी क्षेत्र की गरीब तबके की बस्तियों में नगर निकाय संस्थाओं के साथ मिलकर सभी नवजात बच्चों का पंजीकरण सुनिश्चित करें। लिंग जांच व अवैध गर्भपात की रोकथाम को सख्त कार्रवाई व निगरानी के निर्देश भी दिए। ब्यूरो