अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में शहरी क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से हो सकेंगे। सरकार ने नगर निगमों के मेयर और आयुक्तों की शक्तियां बढ़ा दी हैं। आयुक्त को पहले 50 लाख रुपये तक बजट के कामों को स्वीकृत करने की शक्तियां थीं, अब वह एक करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों को मंजूरी दे सकेंगे।
मेयरों के अध्यक्षता वाली फाइनेंस कमेटी भी एक करोड़ से 10 करोड़ तक के विकास कार्यों की स्वीकृति दे सकेंगी। विभाग ने जुलाई 2023 की अधिसूचना में संशोधन किया है। अब नगर निगमों में 50 लाख तक के विकास कार्यों को मंजूरी निगम के आयुक्त देंगे, लेकिन तकनीकी मंजूरी का अधिकार कार्यकारी अभियंताओं के पास होगा। 50 लाख रुपये से एक करोड़ तक के विकास कार्यों का अधिकार आयुक्त को दिया गया है, लेकिन तकनीकी मंजूरी की शक्तियां अधीक्षण अभियंता को दी गई हैं।
एक करोड़ से ढाई करोड़ तक के विकास कार्यों के लिए प्रदेश के मेयरों के अध्यक्षता वाली फाइनेंस कमेटी मंजूरी देगी। इस कमेटी में मेयर के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर, दो पार्षद और आयुक्त भी शामिल रहेंगे। फाइनेंस कमेटी में तकनीकी मंजूरी के लिए अधीक्षण अभियंता को शक्ति प्रदान की हैं। वहीं, इसी तरह से ढाई करोड़ से 10 करोड़ तक के कार्यों को भी फाइनेंस कमेटी मंजूरी दे सकेंगी, लेकिन इस कार्य के लिए चीफ इंजीनियर स्वीकृति देंगे। विभाग के मंत्री 10 करोड़ से 25 करोड़ तक के कार्यों की अनुमति देंगे। 25 करोड़ से अधिक बजट के कार्यों को मुख्यमंत्री अनुमति देंगे। नगर निगमों को ढाई करोड़ की रकम से अधिक के कार्यों के लिए तकनीकी स्वीकृति चीफ इंजीनियर से लेनी होगी।