अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने निलंबित चल रहे खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र यादव को बर्खास्त कर दिया है। उन पर लापरवाही, कमीशन वसूलने और अन्य गंभीर आरोप लग चुके हैं। सेवानिवृत्त आईएएस डीडी गौतम से इन आरोपों की जांच करवाए जाने पर सभी आरोप सही पाए गए। इसके अलावा, आय से अधिक संपत्ति भी मिली। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने उनकी बर्खास्तगी का पत्र जारी कर दिया।
पत्र के मुताबिक, आरोपी अधिकारी आदतन अपराधी है। उन पर लगाए सभी आरोप सिद्ध होते हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में भी सतर्कता विभाग ने उनके खिलाफ टिप्पणी की है, जिसमें कहा गया है कि कर्मचारी ने विभाग की अनुमति लिए बिना कई संपत्तियां खरीदी हैं। जांच रिपोर्टों के निष्कर्ष के आधार पर तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने का फैसला किया गया है।
विज ने किया था सस्पेंड...
हिसार में उनकी नियुक्ति के खिलाफ कई होटल व रेस्टोरेंट के मालिकों ने कमीशनखोरी व सामान लेने पर भुगतान न करने की शिकायत की थी। गुरुग्राम में तैनाती के दौरान एक एनजीओ वर्कर ने उन पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। उसके बाद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। विज ने अपने नोट में यह लिखा था कि जितेंद्र के खिलाफ लगातार कई शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।