- एनसीआर के 14 जिलों में शुरू होगी वाहनों की ऑनलाइन निगरानी, 20 दिन में बनेगा एग्रीगेटर पोर्टल
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। राज्य के एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के 14 जिलों में ई-कॉमर्स, होम डिलीवरी और एग्रीगेटर कंपनियों के सभी वाहन अब सरकार की सख्त निगरानी में होंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया है कि 1 जनवरी 2026 तक ऐसा पोर्टल तैयार किया जाए जिस पर इन कंपनियों के हर वाहन का पंजीकरण अनिवार्य हो। अगले 20 दिनों में यह पोर्टल तैयार कर लिया जाएगा। खास बात यह है कि कंपनियां अगली बार (अगले चरण में) जब भी नया दोपहिया, चारपहिया या मालवाहक वाहन खरीदेंगी तो उन्हें पेट्रोल-डीजल छोड़कर ई-व्हीकल, सीएनजी या पीएनजी से चलने वाले विकल्प ही अपनाने होंगे।
हरियाणा परिवहन विभाग वायु गुणवत्ता की निगरानी को लेकर एग्रीगेटर पोर्टल तैयार कर रहा है। इस पोर्टल पर ई-कॉमर्स, होम डिलीवरी और एग्रीगेटर कंपनियों के माध्यम से चल रहे सभी वाहनों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण किया जाएगा। इससे सरकार को यह पता चलेगा कि एनसीआर में वर्तमान में कितने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस), पीएनजी(पाइप्ड नेचुरल गैस) और इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल हो रहे हैं। परिवहन विभाग ने पूरी योजना की रिपोर्ट सरकार और परिवहन मंत्री अनिल विज को भेज दी है। हरियाणा परिवहन विभाग के आयुक्त अतुल कुमार का कहना है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश पर पोर्टल तैयार कराया जा रहा है। जल्द संचालन शुरू होगा। पोर्टल के माध्यम से वाहनों की श्रेणीवार वास्तविक संख्या सामने आएगी और भविष्य में कंपनियों द्वारा खरीदे जाने वाले सभी वाहनों का विवरण भी इसी पर डाला जाएगा। पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए अगली बार नए वाहन ई-व्हीकल, बैटरी संचालित, सीएनजी या पीएनजी श्रेणी के ही खरीदने होंगे।
इन 14 जिलों में होगी निगरानी
गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल। इन जिलों में खाद्य सामग्री, ई-कॉमर्स डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं में लगे सभी वाहनों का विवरण कंपनियों की ओर से पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे एनसीआर में संचालित वाहनों की पूरी स्थिति सरकार के पास उपलब्ध होगी।