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हरियाणा में जानलेवा रफ्तार: रोड एक्सीडेंट के चौंकाने वाले आंकड़े, सबसे ज्यादा टू-व्हीलर सवारों की मौत

Sun, 29 Mar 2026 11:51 AM IST
Ankesh Kumar अरुण शर्मा, चंडीगढ़।

सार

हरियाणा की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन लोगों के लिए काल बन रहे हैं। ओवरस्पीड की वजह से सबसे ज्यादा हादसे हो रहे हैं। सड़क हादसों के जो आंकड़े सामने आए हैं वे बेहद चौंकाने वाले हैं। 
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Haryana Road Accident - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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वाहनों की तेज रफ्तार दोपहिया और पैदल चलने वालों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। साल 2023 में देशभर में हुए सड़क हादसों में 66 फीसदी दोपहिया चालकों को जान गंवानी पड़ी। इसके बाद पैदल चलने वाले 30 फीसदी लोगों की ओवरस्पीड ने जान ली। चार फीसदी साइकिल सवार लोग भी तेज रफ्तार के कारण मारे गए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ भार्गव मैत्रा की वर्ष 2020 से 2023 के बीच की गई सड़क हादसों के विश्लेषण रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
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भार्गव मैत्रा ने सरकार को सुझाव दिया है कि देशभर में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने में गति नियंत्रण के प्रबंधन ही काम आएंगे। जब तक सभी राज्यों में सुरक्षित यातायात के लिए धरातल पर ठोस इंतजाम नहीं होते तब तक विकल्पों को अपनाना होगा। अभी गति नियंत्रण के प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यही वजह है कि हादसों में (पैदल, साइकिल व दोपहिया वाहन चालक) मरने वालों की संख्या सर्वाधिक 69.9 फीसदी है।

मैत्रा ने अध्ययन में पाया है कि सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या वर्ष 2020 में 61.4%, 2021 में 67%, 2022 में 66.8% और 2023 में बढ़कर 67.9% हो गई है।
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भार्गव मैत्रा ने पश्चिमी बंगाल में वाहनों की गति नियंत्रण प्रबंधन नीति के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। बीते वर्ष बंगाल में यह नीति लागू हो गई और स्थानीय सरकार नीति को लागू कराने के लिए काम कर रही है। अब प्रो. मैत्रा उत्तर प्रदेश और ओडिशा के लिए भी इसी तरह की नीति बनाने के लिए अध्ययन कर रहे हैं।

हरियाणा में भी गति नियंत्रण नीति बनानी जरूरी
प्रो. भार्गव मैत्रा ने चंडीगढ़ में दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान शुक्रवार को पहले दिन सड़क यातायात के समाधान विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने हरियाणा में सर्वाधिक सड़क हादसों वाले 2-3 मार्गों को अध्ययन के लिए मांगा है। मैत्रा ने सुझाव दिया है कि हरियाणा में भी गति नियंत्रण की नीति लागू होनी चाहिए।
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देश में सड़क हादसों की यह है स्थिति
वर्ष : कुल हादसे : मरने वालों की संख्या : असुरक्षित सड़क उपयोगकर्ताओं की मौत

2020 : 372181 : 138383 : 84932
2021 : 412432 : 153972 : 103211
2022 : 461312 : 168491 : 112558
2023 : 480583 : 172890 : 117320
स्रोत : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों का आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञ का विश्लेषण।

हरियाणा में हादसों की स्थिति
वर्ष :            हादसे        मौत      घायल

2020 :          9431 :      4507 :   7659
2021 :          9933 :      4706 :   8121
2022 :         10429 :     4915 :   8619
2023 :         10463 :     4968 :   8346
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