आखिरी दिन 24 स्वर्ण सहित 75 पदक खिलाड़ियों ने जीते, गुरुग्राम तीसरे स्थान पर
चंडीगढ़। 13 साल बाद आयोजित छह दिवसीय हरियाणा स्टेट ओलंपिक गेम्स का शुक्रवार को समापन हो गया। छह दिनों में प्रदेश के 10 जिलों में और चंडीगढ़ में विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों ने कुल 1143 पदक जीते हैं। इसमें टीम इवेंट और व्यक्तिगत पदक शामिल हैं। आखिरी दिन 24 स्वर्ण सहित 75 पदक खिलाड़ियों ने जीते हैं।
छठा दिन हरियाणा के खेल इतिहास का यादगार दिन साबित हुआ है। चंडीगढ़ के सुखना लेक पर पानी में थिरकते पैडल, बॉक्सिंग रिंग में गूंजते पंच, और फिनिश लाइन पर सांसें रोक देने वाली रेस में हर खिलाड़ी ने अपने जिले का नाम ऊंचा किया और साबित किया कि असली जीत सिर्फ मेडल की नहीं बल्कि दिल जीतने की होती है। हालांकि अभी टेनिस में तीन पदकों को लेकर 9 नवंबर को मैच होना है।
क्याकिंग और कैनोइंग इवेंट ने पूरे दिन का माहौल जोश से भर दिया। झज्जर की कंचन और पूजा ने कई स्वर्ण पदक जीतकर राज्य की नई जल योद्धा कहलाईं।
सोनीपत ने पुरुष वर्ग के सी4 और के4 फाइनल्स में दबदबा बनाए रखा जबकि जींद की ज्योति और मीना की जोड़ी ने सी2 200 मीटर में स्वर्ण पदक जीता है।
गुरुग्राम ने महिलाओं की 4×100 मीटर मेडले रिले में स्वर्ण पदक जीता, झज्जर ने पुरुषों की रिले दाैड़ में दो पदक (स्वर्ण और कांस्य) अपने नाम किए। फरीदाबाद ने मिक्स्ड रिले में सबको चौंकाते हुए स्वर्ण हासिल किया। एथलेटिक्स में फतेहाबाद की दीपिका ने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया जबकि करनाल की सलोनी ने रजत पर कब्जा किया।
बॉक्सिंग और टीम स्पोर्ट्स में बिजली सी टक्कर
गुरुग्राम की वंशिका ने 57–60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता। अंबाला, हिसार, फतेहाबाद, रोहतक और जिंद ने भी कई भार वर्गों में दमदार प्रदर्शन किया। टीम खेलों में करनाल ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में वॉटरपोलो का स्वर्ण जीतकर डबल गोल्ड का कारनामा किया। सोनीपत और जिंद को क्रमशः रजत मिला है।
छह दिन की प्रतियोगिता में कुल पदक
स्वर्ण - 371
रजत - 341
कांस्य - 341
कुल - 1143