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Haryana: इन 11 जिलों में नहीं सुधरा लिंगानुपात, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने दिखाई सख्ती, अब एक्शन की तैयारी

Tue, 23 Sep 2025 08:28 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में इस साल एक जनवरी से 22 सितंबर तक लिंगानुपात सुधरकर 907 हो गया है, जो पिछले साल 904 था। हालांकि प्रदेश के 11 जिलों की रिपोर्ट खराब है, जिसके चलते संबंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के खिलाफ एक्शन की तैयारी है।
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गिरता लिंगानुपात बड़ी चुनौती - फोटो : एआई इमेज
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विस्तार
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स्वास्थ्य विभाग ने उन सिविल सर्जन को सख्त हिदायत दी है, जिनके जिले में लिंगानुपात में कोई सुधार नहीं है। ये जिले चरखी दादरी, करनाल, सिरसा, हिसार, अंबाला, यमुनानगर, सोनीपत, कैथल, महेन्द्रगढ़, भिवानी व पलवल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि लिंगानुपात सुधारने के मामले में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा- मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) परफॉर्मेंस नहीं दिखा रहे, उनके खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। इन पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जिलों के एसएमओ और सीएमओ अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं, उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए।

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राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मंगलवार को वर्चुअल बैठक में लिंगानुपात की समीक्षा की गई। इस दौरान बैठक में बताया गया कि साल एक जनवरी से 22 सितंबर तक राज्य का लिंगानुपात सुधरकर 907 हो गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 904 था। बैठक में उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में सक्रिय रहते हुए फील्ड स्तर पर निगरानी को और मजबूत करें। साथ ही मुख्यालय के अधिकारी जिलों को पूरा सहयोग प्रदान करें और ठोस कदम उठाएं। जिन जिलों में लिंगानुपात में सुधार नहीं है, वे ठोस कार्ययोजना बनाकर जल्द से जल्द सुधारात्मक कदम उठाएं। एसीएस राजपाल ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर शून्य सहनशीलता की नीति अपना रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात सुधारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा को इस दिशा में एक आदर्श राज्य बनाया जाए। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को और अधिक मजबूती दी जाए।

फार्मासिस्ट को तत्काल निलंबित करने के आदेश
बैठक में कैथल जिले के मामले पर भी चर्चा हुई, जिसमें एक सरकारी फार्मासिस्ट के अवैध रूप से एमटीपी (गर्भपात की गोलियां) किट बेचे जाने की शिकायत मिली थी। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने सख्त रुख अपनाते हुए कैथल सीएमओ से कार्रवाई रिपोर्ट लेते हुए निर्देश दिए कि फार्मासिस्ट को तत्काल निलंबित किया जाए और उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी की जाए। वहीं, रिवर्स ट्रैकिंग की प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 11 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। बैठक में प्राइवेट चिकित्सकों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी ली गई।

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