-टूटे चावल की बोरी के दाम बढ़ेंगे, तीनों प्रमुख मांगों पर मंत्री राजेश नागर के साथ बनी सहमति
-अब प्रदेशभर की मंडियों में चावल की खरीद करेंगे राइस मिलर्स
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में राइस मिलर्स को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब धान आवंटित होने के बाद उनको कुल रकम के तीन फीसदी के बजाय केवल 1.5 फीसदी ही बैंक गारंटी के रूप में जमा करना होगा। पहले सरकार ने नियम बनाया था कि धान आवंटित होने से पहले यह बैंक गारंटी देनी होगी पर अब वे धान मिलने के बाद यह रकम जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा धान की मिलिंग पर प्रति क्विंटल 50 रुपये बोनस भी मिलेगा और गोदाम में टूटे चावल रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली बोरी के दाम भी बाजार भाव के आधार पर बढ़ेंगे।
मिलर्स को यह राहत बुधवार को चंडीगढ़ में खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर के साथ हुई हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन की बैठक में दी गई। इसके बाद राइस मिलर्स ने सभी मंडियों में धान की खरीद शुरू करने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन के महासचिव राजेन्द्र सिंह ने बताया कि पहले भी बैंक गारंटी 1.5 फीसदी धान आवंटित होने के बाद जमा की जाती थी। पर इस बार सरकार ने नया नियम लागू किया कि धान आवंटित होने से पहले ये रकम दें और इसे दोगुना भी कर दिया था। इसी तरह सरकार की ओर से इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल करने के लिए 10 किलो टूटे चावल राइस मिलर्स को अपने गोदाम में बैग के अंदर पैक करने के निर्देश दिए थे। इससे प्रति बैग का दाम तकरीबन 27 रुपये और हल्के बैग लेने पर 20 रुपये बैठता है। सरकार ने प्रति बैग मात्र 1.66 रुपये देने की पेशकश की, जोकि बेहद कम था। इसी कारण मिलर्स एसोसिएशन ने सरकार से निवेदन किया कि उनकी तरफ से बैग मिल जाए और मिलर्स टूटे चावल पैक करके गोदाम में रख लेंगे ताकि सरकार टूटे चावल की नीलामी करवा सके। अब सरकार की ओर से बैग के दाम में वृद्धि करने को लेकर सहमति बन गई है।
महासचिव राजेन्द्र सिंह ने बताया कि इसी तरह तीसरा प्रमुख मुद्दा नए सत्र में धान की मिलिंग पर 15 रुपये प्रति क्विंटल मिलने वाले बोनस को बढ़ाने का था। सरकार ने 50 रुपये प्रति क्विंटल बोनस करने का आश्वासन दिया है।
तिरपाल व कैरेट किराए पर भी आश्वासन
महासचिव ने बताया कि राइस मिलर्स की ओर से धान को संभालने और स्टोर करने के लिए तिरपाल और कैरेट की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके एवज में सरकार की ओर से 15 रुपये प्रति क्विंटल किराया देना होता है, लेकिन पिछले तीन वर्षों से इसका किराया नहीं मिला है। इस मुद्दे पर भी सरकार ने सहमति जताते हुए जल्द राशि जारी करने का आश्वासन दिया है। इसी तरह सरकार ने राइस मिलर्स का साल 2024-25 का होर्डिंग चार्ज माफ कर दिया है। इसके अतिरिक्त धान की मिलिंग पर मिलने वाले बोनस 15 मार्च से बढ़ाकर 30 जून तक कर दिया गया है। यह पिछले सत्र का बोनस होगा।
-
हरियाणा के राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ सकारात्मक बैठक हुई है। राइस मिलर्स की प्रमुख मांगों को पूरा करने पर सहमति बन गई है। राइस मिलर्स के तीन प्रमुख मांग है, जिसे पूरा करवाया जाएगा।
राजेश नागर, खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री।