हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड ( एचवीपीएनएल) ने आउटसोर्स कर्मचारियों और तकनीकी वर्करों के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब ड्यूटी के दौरान हादसे (फेटल, नॉन-फेटल) में घायल होने वाले कर्मचारियों का आपातकालीन उपचार और प्रारंभिक चिकित्सा खर्च निगम की ओर से वहन किया जाएगा।
निगम के निदेशक मंडल की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके अनुसार इलाज के दौरान अस्पताल तक पहुंचने में हुए वाहन खर्च को भी आउटसोर्स कर्मचारी या उनके परिजनों को वापस किया जाएगा। साथ ही, इलाज और आराम का पूरा समय ड्यूटी पीरियड माना जाएगा और इससे कर्मचारी की मेडिकल लीव प्रभावित नहीं होगी।
निगम ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हादसे के मामले में एक्सईएन और संबंधित अधीक्षण अभियंता तथ्यों की पुष्टि करेंगे। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी या निदेशक मेडिकल सर्विसेज की सिफारिश पर मेडिकल लीव की मंजूरी दी जाएगी।
इसके अलावा, अगर कोई आउटसोर्स कर्मचारी इलेक्ट्रोक्यूशन या अन्य हादसे का शिकार होता है, तो उसके इलाज के दौरान होने वाले सभी खर्च संबंधित पावर यूटिलिटी वहन करेगी।
यह फैसला कर्मचारियों की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए मानवीय आधार पर लिया गया है। निगम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस निर्णय का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। इससे हजारों आउटसोर्स तकनीकी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।