फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh-Haryana News: हरियाणा में नई कांग्रेस की नींव रख गए राहुल

विज्ञापन
विज्ञापन
संगठन विस्तार के जरिए कांग्रेस के कर्मठ, पुराने सहयोगियों व युवाओं को मुख्यधारा में लाने की योजना
विज्ञापन







कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी हरियाणा में नई कांग्रेस की नींव रखकर गए हैं। उनकी सोच है कि संगठन को धार देने के लिए युवाओं, पुराने सहयोगी और जुनूनी कांग्रेसियों को आगे लाया जाए, ताकि संगठन में जान फूंकी जा सके। 11 साल से संगठन नहीं बनने की टीस भी दिखी, जब राहुल ने कहा कि अब कांग्रेस को मजबूत करना है।
राहुल गांघी हरियाणा में कांग्रेस के कर्मठ, कद्दावर, पुराने सहयोगी और युवाओं को मुख्यधारा में लाने का मन बना चुके हैं। इसमें वरिष्ठ नेताओं की गुटबाजी को खत्म करने और विरोधी दलों के संपर्क में रहने वाले नेताओं को बाहर करने की कार्रवाई भी शामिल है। संगठन की पहली पंक्ति को तैयार करने के लिए राहुल ने प्रदेश में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के करीबी नेताओं की फौज तैनात कर दी। इन्हीं केंद्रीय स्तर के नेताओं को प्रदेश के कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक के मन को टटोलने का जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
विज्ञापन






आगे बढ़ाए जाएंगे मजबूत चेहरे, घर वापसी भी होगी

अभी हरियाणा में कांग्रेस के वरिष्ठ और मजबूत नेताओं में गिने-चुने नाम सामने आते हैं। कहीं न कहीं कांग्रेस की राजनीति इन्हीं नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है। एआईसीसी की टीम हलके व जिलास्तर पर मजबूत चेहरों को उभारने के साथ गुटबाजी या किसी वजह से दूर होने वाले पुराने नेताओं को जोड़ने में लग गई है। मजबूत चेहरों को संगठन में जगह मिलेगी और दूर जाने वाले मजबूत नेताओं के घर वापसी होगी।




सभी नेताओं को बराबर की तवज्जो देकर एकजुटता का संदेश



राहुल ने सभी वरिष्ठ नेताओं को लगभग बराबर की तवज्जो देकर गुटबाजी से हटकर एकजुट रहने का संदेश दिया है। एयरपोर्ट से कांग्रेस दफ्तर आते समय और वापसी के दौरान राहुल अपनी गाड़ी में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ बैठे। वापसी में राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला से अलग से बात की। दीपेंद्र के कंधे पर हाथ रखकर राहुल मुस्कुराए। वापसी के दौरान सांसद कुमारी सैलजा के साथ भी गाड़ी में बैठकर बात की।





तंवर की वाइल्ड कार्ड एंट्री



कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की राहुल ने आखिरी समय पर वाइल्ड कार्ड एंट्री करवाई। राहुल के साथ पहली बैठक में शामिल होने वाले 17 वरिष्ठ नेताओं की सूची में तकरीबन पांच साल तक प्रदेशाध्यक्ष रहने वाले अशोक तंवर का नाम नहीं था। सूची आने के बाद कांग्रेस नेताओं में चर्चा थी कि तंवर पार्टी छोड़ने के बाद कई दलों में घूमने के बाद वापस आए हैं, इस वजह से उनका नाम शामिल नहीं किया गया। जबकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और धर्मपाल मलिक पर यह नियम नहीं लगाया गया और उन्हें सूची में शामिल किया गया था।
विज्ञापन


गुटबाजी पर राहुल बोले- इस पर अलग से बैठक करेंगे
बैठक के दौरान राहुल के सामने वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश के नेताओं में गुटबाजी और संगठन विस्तार में देरी का मुद्दा उठाया। इस पर राहुल ने कहा कि प्रदेश के नेताओं में गुटबाजी जगजाहिर है, लेकिन अब सभी एकजुट होकर पहले कांग्रेस के लिए सोचें फिर अपनी निजी राय को लें। इस तरह की शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद राहुल ने कहा कि इन मुद्दों पर अलग से बैठक करेंगे फिलहाल सिर्फ संगठन विस्तार पर चर्चा होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें