- नए डीजी जेल आईपीएस आलोक कुमार राय ने आगामी योजना की जानकारी दी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में गुरुग्राम और अंबाला की जेलों को अतिसुरक्षित बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बाद राज्य की विभिन्न जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों और गैंगस्टरों को इन्हीं दोनों जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। जेलों को पूरी तरह अपराध मुक्त करने और मोबाइल जैसे उपकरणों की रोकथाम के लिए नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह जानकारी नए डीजी जेल आईपीएस आलोक कुमार राय ने प्रेसवार्ता में दी।
डीजी जेल ने बताया कि प्रदेश में अभी तीन केंद्रीय और 17 जिला जेल हैं जिनमें 22,837 कैदियों की क्षमता है। राज्य की सभी जेलों में 27,230 बंदी हैं। रोहतक में 312 खुंखार बंदियों की क्षमता वाली एक उच्च सुरक्षा जेल का निर्माण अंतिम चरण में है जो दिसंबर 2025 तक संभावित तौर पर पूरी हो जाएगी। चरखी दादरी, फतेहाबाद और पंचकूला में नई जेलों के बनाने का टेंडर जारी करना है।
डीजी जेल ने बताया कि राज्य के जेलों में बंद 686 कैदियों को कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की सहायता से कौशल विकास कोर्स कराया जा रहा है। चरखी दादरी, फतेहाबाद, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम और डबवाली जेल पेट्रोल पंप लगाने का प्रस्ताव सरकार में विचाराधीन है।
13 स्निफर डॉग का मामला सुलझाया -
डीजी जेल ने बताया कि निजी व्यक्ति (ठेकेदार) से तकरीबन 30 लाख की कीमत से 13 स्निफर डॉग की खरीदारी की गई थी। इसमें कुत्तों को प्रशिक्षण कराने की प्रक्रिया भी शामिल थी। बाद में ट्रेनर की तरफ से डॉग्स नहीं लौटाने पर एफआईआर दर्ज कराई गई। अब सभी कुत्ते वापस जेल प्रशासन को मिल चुके हैं। इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।