अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। दिवंगत वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले ने हरियाणा और केंद्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। पूरण के परिवार से मंगलवार को कांग्रेस, इनेलो, अकाली दल, आम आदमी पार्टी, तेलंगाना सरकार और केंद्र के मंत्री तक मिलने पहुंचे। इनमें मुख्य रूप से केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क सहित पंजाब के खजाना मंत्री हरपाल सिंह चीमा सहित चार मंत्री और चंडीगढ़ के पूर्व सांसद व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल सहित हरियाणा कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र हुड्डा सहित अन्य शामिल रहे। रवनीत बिट्टू को छोड़कर सभी नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच व दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
चंडीगढ़ स्थित यूटी गेस्ट हाउस में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने मीडिया से बातचीत में कहा कि तेलंगाना निवासी व अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े वाई पूरण कुमार ने आत्महत्या से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट में 11 अधिकारियों के नाम लिखे हैं। इनमें हरियाणा के डीजीपी और रोहतक एसपी के नाम भी शामिल हैं।
अठावले ने कहा कि पूरण कुमार को अपमान और पीड़ा झेलनी पड़ी जिसके चलते उन्होंने अपनी जान दी। उनका अंतिम संस्कार अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने खुद उनकी पत्नी, पिता और भाइयों से बात की है। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री से एक घंटे तक मुलाकात की और सभी संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है। इस पर सीएम ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अठावले ने कहा कि जो लोग संविधान नहीं मानते उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।
सरकार की ओर से कार्रवाई न करना दुर्भाग्यपपूर्ण: मल्लू भट्टी
तेलंगाना की उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी ने कहा कि यह दलित उत्पीड़न का मामला है। पूरण कुमार अत्यंत होनहार अधिकारी थे लेकिन उन्हें अपमान और अत्याचार झेलना पड़ा। सात दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के डीजीपी और रोहतक के पूर्व एसपी की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।
सुसाइड नोट में जिनके नाम उनकी गिरफ्तारी हो: चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि एक दलित अधिकारी अगर आत्महत्या को मजबूर हो जाए तो यह पूरे सिस्टम की नाकामी है। सुसाइड नोट में जिनके नाम हैं उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए।
सरकार पहले संज्ञान लेती तो यह दिन न देखना पड़ता: अभय
इनेलो अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पूरण कुमार दस साल से अपनी पीड़ा बता रहे थे। सरकार को सब जानकारी थी। सरकार ने पहले संज्ञान लिया होता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। चौटाला ने कहा कि अगर किसी आम आदमी के साथ ऐसा हुआ होता तो पुलिस अब तक गिरफ्तारियां कर चुकी होती।
निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, वरुण मुलाना, सतपाल ब्रह्मचारी और विधायक चंद्रप्रकाश ने परिवार से मुलाकात कर कहा कि इस मामले में न्याय तभी मिलेगा जब जांच निष्पक्ष होगी। दोषी को सजा और निर्दोष को राहत मिलनी चाहिए। इसके अलावा अकाली दल नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा और सर्वजातीय खाप पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी परिवार से मिलकर समर्थन जताया है।