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Chandigarh-Haryana News: बाढ़ पीड़ित के लिए आगे आया हाईकोर्ट, बाढ़ग्रस्त को दी अंतरिम जमानत

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-हिसार निवासी याचिकाकर्ता का घर बाढ़ से हो गया था क्षतिग्रस्त
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अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी तबाही का मंजर जारी रखे हुए है। ऐसे में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उन लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कदम उठाया है जिनके जीवन और घर इस आपदा से तबाह हो गए हैं। पीठ ने हिसार के एक याची को जिसका घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था को अंतरिम जमानत दे दी है। यह आदेश बाढ़ के मानवीय परिणामों को स्वीकार करते हुए न्यायिक हस्तक्षेपों की बढ़ती शृंखला का हिस्सा है।

पीठ ने कहा कि जब लोग अपने घरों और आजीविका को फिर से बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हों तो अदालतें बड़े पैमाने पर हुई तबाही के प्रति असंवेदनशील नहीं रह सकतीं। अदालत ने यह देखते हुए याचिकाकर्ता की अंतरिम जमानत 28 नवंबर तक बढ़ा दी कि बाढ़ ने पूरे इलाकों को पंगु बना दिया है और कई परिवारों को बेघर कर दिया है। याचिकाकर्ता पर अपहरण व अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई थी।
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अदालत ने पाया कि एफआईआर में शामिल याचिकाकर्ता हिसार के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा 12 सितंबर के आदेश द्वारा दी गई अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए दूसरी बार अदालत आया था। इसे उच्च न्यायालय द्वारा 19 सितंबर के आदेश द्वारा क्षेत्र में भारी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित उसके घर की मरम्मत/नवीनीकरण के लिए 60 दिनों के लिए और बढ़ा दिया था।
पीठ के समक्ष उपस्थित होते हुए राज्य के वकील ने मौजूदा स्थिति पर कोई विवाद नहीं किया और कहा कि बाढ़ ने उनके परिवार के निवास वाले इलाके सहित कई इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है और यह अंतरिम जमानत बढ़ाने का कारण बना। दलीलों पर गौर करते हुए पीठ ने कहा कि तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह न्यायालय मौजूदा बाढ़ के विनाशकारी प्रभाव को नजरअंदाज नहीं कर सकता और इसलिए उसके घर के नवीनीकरण/मरम्मत के लिए अंतरिम जमानत 28 नवंबर तक बढ़ाने के लिए इच्छुक है।
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याचिकाकर्ता 29 नवंबर को सुबह 11 बजे संबंधित जेल में आत्मसमर्पण करेगा। यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के हफ्तों में उच्च न्यायालय बाढ़ के कारण संपत्ति, आजीविका और पहुंच के नुकसान का हवाला देते हुए कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।
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