- डीजीपी ने जारी किया पत्र, गणतंत्र दिवस पर मिलेगा सम्मान, लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल में सबसे ज्यादा हादसे वाले महीने नवंबर-दिसंबर में अपने क्षेत्र में सड़क हादसे घटाने वाले पुलिस अधिकारी गणतंत्र दिवस पर प्राण देवता के नाम से सम्मानित किए जाएंगे। वहीं जिन इलाकों में लापरवाही या अनियंत्रित स्थिति पाई जाएगी वहां के अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने मंगलवार को अमर उजाला में प्रकाशित सड़क हादसों में हरियाणा देश में 10वें स्थान पर खबर का स्वत: संज्ञान लेते हुए जिले के पुलिस अधिकारियों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के निर्देश जारी किए हैं।
पुलिस महानिदेशक ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों, चौकी इंचार्जों और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को एक पत्र लिखकर सड़क हादसों को मानव निर्मित आपदा बताते हुए हादसे रोकने के लिए पूरी ताकत से जुटने के निर्देश दिए हैं। पत्र में लिखा है कि जनवरी से अक्तूबर 2025 के बीच हरियाणा में करीब 4,000 लोगों की जान सड़क हादसों में गई है जो हत्या में हुई मौतों से पांच गुना अधिक है। मृतकों में ज्यादातर बीस से तीस वर्ष के युवा थे जो अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
डीजीपी ने चेताया कि धुंध के मौसम में सड़क पर खड़ी गाड़ियां जानलेवा साबित होती है। अगर ऐसी स्थिति में हादसा होता है तो क्षेत्र के अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। हादसे में घायल व्यक्ति को आधे घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाना अनिवार्य है। घायल को अस्पताल लेकर जाने वाले व्यक्ति से कोई पूछताछ नहीं होगी।
डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को ये निर्देश दिए
- अपने क्षेत्र में ब्लाइंडस्पॉट और एक्सीडेंट के हॉट स्पॉट की पहचान कर सुधार करें।
- शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को जेल भेजें और ओवरस्पीडिंग पर चालान करें।
- ट्रक ऑपरेटरों से प्रशिक्षित ड्राइवर और आराम की नीति सुनिश्चित कराएं।
- हिट-एंड-रन मामलों में लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई करें।
- सड़क बनाने वाले विभाग के साथ मिलकर डिजाइन फॉल्ट, साइन बोर्ड और मनमाने कटों को सुधारें।