- प्रदेश की 248 मंडियों और क्रय केंद्रों पर होगी खरीद
- कहीं सड़कें जर्जर तो कहीं टाइलें लगाने का चल रहा काम, कई जगह उठान का भी नहीं हुआ टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश की 248 मंडियों और क्रय केंद्रों में सोमवार से धान की खरीद होगी। कुछ मंडियों में धान की आवक शुरू हो गई है लेकिन सोमवार से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, कृषि एवं कल्याण विभाग और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 5-5 अधिकारियों की चार टीमों ने प्रदेशभर की मंडियों में बेहतर इंतजाम का ब्योरा सरकार को सौंपा है लेकिन इसके विपरीत मंडियों में इंतजाम अधूरे हैं। कहीं सड़कें टूटी हुई हैं तो कहीं पंजीकरण का कार्य अटका हुआ है तो कई स्थानों पर अभी भी अनाज उठान के टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वहीं, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने दावा किया है कि इस बार 48 घंटे में धान का उठान होगा और किसानों को 72 घंटे में भुगतान किया जाएगा।
प्रदेश में इस बार 54 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग, हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम की तरफ से की जाएगी। कृषि एवं कल्याण विभाग के मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल के माध्यम से प्रदेश में 4.83 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है।
हरियाणा की मंडियों की बात करें तो पानीपत की 8 मंडियों इसराना, पानीपत, मतलौडा, बापौली, बबैल, समालखा, बाबरपुर और सनौली में धान की आवक शुरू हो गई है। सोमवार से खरीददारी के लिए सफाई का कार्य शुरू हो गया है। अंबाला जिले की 15 मंडियों में 13 हजार मीट्रिक टन परिमल धान पहुंच चुका है। यमुनानगर की 13 अनाज मंडियों में धान की खरीद होगी। 20 हजार क्विंटल से अधिक परिमल धान मंडियों में पहुंच चुका है। मंडियों में सड़कें जर्जर हैं और किसानों के आराम करने के लिए विश्राम गृह नहीं है। व्यासपुर अनाज मंडी में गेट पर इंटरलॉक टाइलें लगाने का काम अब शुरू किया गया है। एक गेट बंद है। अनाज मंडी एसोसिएशन के जिला प्रधान जगमाल सिंह का कहना है कि सरकार की डिजिटल कांटों से धान की खरीद का लिखित आदेश आढ़तियों के पास नहीं है इसलिए मंडियों में सामान्य कांटों से ही तुलाई करेंगे।
सिरसा जिले की 33 मंडियों में खरीद होगी। यहां मंडियों में सड़कों की हालात खस्ता है। उठान को लेकर अभी टेंडर सिरे नहीं चढ़ पाया है। करनाल जिले की 10 अनाज मंडियों सहित कुल 17 क्रय केंद्रों पर धान की खरीद करने की तैयारी है। करनाल मंडी में 1509 धान आने के कारण अधिकतर शेड खाली नहीं हैं और अभी तक बारदाना उपलब्ध नहीं है। बारदाना राइस मिलर्स को उपलब्ध कराना है परंतु उनका पंजीकरण न होने के कारण यह संकट बना हुआ है।
इन मंडियों में भी बदइंतजामी
फतेहाबाद की अनाज मंडी में सड़कों की हालत बेहद खराब है। झज्जर जिले की झज्जर, बहादुरगढ़ व मातनहेल मंडियों में शेड जर्जर हैं और मंडी में बाजरा आने से फसल रखने की जगह कम है। सड़कों पर भी गहरे गड्ढे हैं। जींद जिले की मंडियों के लिए अभी मिल अलाॅट नहीं हुए। इसी कारण बारदाना एजेंसियों के पास नहीं पहुंचा क्योंकि अनाज उठान का जिम्मा मिलर्स का होगा। रेवाड़ी की मंडियों में सड़कें खराब हैं।
कंट्रोल रूम पर तैनात रहेंगे चार कर्मचारी
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने किसानों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान तथा अन्य जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए टोल फ्री नंबर 18001802060 जारी कर दिया है। यह नंबर 24 घंटे उपलब्ध रहेगा। इस नंबर के संचालन को लेकर कंट्रोल रूम स्थापित किया है जिस पर पांच कर्मी तैनात रहेंगे।
क्यूआर स्कैनर से भी बनेगा गेटपास
मंडियों और धान खरीद केंद्रों पर लंबी कतारों में न लगना पड़े इसके लिए किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। ई-खरीद हरियाणा मोबाइल एप के माध्यम से अपनी फसल बेचने की तिथि स्वयं भर सकते हैं। क्यूआर स्कैनर के माध्यम से स्कैन करके भी गेट पास हाथों हाथ या पहले बनवा सकेंगे। यदि किसानों के पास स्मार्ट फोन नहीं है तो वह एसएमएस के माध्यम से पंजीकरण, भुगतान और अपडेट की जानकारी ले सकेंगे। भुगतान किसानों के खातों में सीधे पहुंचेगा। ई-खरीद पोर्टल से फसल बिक्री का जे-फाॅर्म प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
बाजरा, ज्वार, मूंग की एक अक्तूबर से होगी खरीद
ज्वार, बाजरा और मूंग की एक अक्तूबर से सरकारी खरीद शुरू होगी। मक्का की खरीद 20 सितंबर से शुरू हो चुकी है। मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से शुरू होगी। तुर-अरहर, उड़द, तिल की 1 दिसंबर से खरीद शुरू होगी। सोयाबीन(पीला) की 15 अक्तूबर से खरीद शुरू होगी। वहीं, इस बार हाईब्रिड व मलडंडी ज्वार 22 मंडियों व क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा। बाजरा 92, मक्का 19, तुर-अरहर 22, मूंग 38 मंडियों व क्रय केंद्रों पर खरीदा जाएगा। उड़द 10, मूंगफली 7, सोयाबीन 7, तिल 29, तिल 27 और काला तिल की 2 मंडियों या खरीद केंद्रों पर खरीदा जाएगा।
वर्जन
मंडियों में फसलों की खरीद के लिए सभी इंतजाम पूरे किए गए हैं। फिर भी कहीं से कोई अधूरे इंतजामों की सूचना आती है तो वहां भी काम कराएंगे।
मुकेश आहूजा, मुख्य प्रशासक, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड।