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Chandigarh-Haryana News: 12 सप्ताह से अधिक के गर्भपात की जांच के आदेश

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चंडीगढ़। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग 12 सप्ताह से अधिक के सभी गर्भपात की जांच करवाएगा। खासकर उन मामलों की, जहां दंपती की एक या अधिक बेटियां हैं। सिविल सर्जन जांच का नेतृत्व करेंगे और कड़ी निगरानी रखेंगे। यह निर्देश अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने बुधवार को सभी उपायुक्तों को दिए। लिंगानुपात में सुधार को लेकर यह कदम उठाया गया है।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि हर जिले में उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय स्थायी समितियों का गठन किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) इसके सदस्य सचिव होंगे। इन समितियों को हर सप्ताह बैठकें करने, एमटीपी किट की बिक्री, एमटीपी और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच, लिंग निर्धारण और कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया गया । उन्होंने निर्देश दिए कि संदिग्ध एमटीपी मामलों का पता लगा कर कानूनी कार्रवाई की जाए। 10 सप्ताह से पहले हर गर्भवती का प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) के लिए पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। (ब्यूरो)


एसएमओ, आशा व आंगनबाड़ी वर्कर जिम्मेदार
सीएचसी के प्रभारी एसएमओ लिंगानुपात सुधार से संबंधित गतिविधियों के लिए उत्तरदायी होंगे। एक या अधिक बेटियों वाली सभी गर्भवती महिलाओं को परामर्श देने और उनकी गर्भावस्था की निगरानी के लिए आशा या आंगनबाड़ी वर्कर को सहेली के रूप में नियुक्त किया जाएगा। गर्भपात की स्थिति में संबंधित आशा या आंगनबाड़ी वर्कर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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