- निकाय विभाग ने गंभीर लापरवाही मानते हुए सात दिनों में मांगा जवाब, जुर्माने के आदेश
- प्रदेश की निकायों में घर-घर से कचरा उठाने के कार्य से जुड़ी एजेंसियों ने की गड़बड़ियां
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछड़ने वाले शहरों की असल वजह सामने आ रही है। प्रदेश के करीब 28 निकायों में घर-घर से कचरा उठाने के कार्य से जुड़ी एजेंसियों ने कागजों में 100 प्रतिशत कचरे का उठान दिखा दिया लेकिन धरातल पर स्थिति पूरी तरह से विपरीत मिली। निकाय विभाग ने घर-घर से कचरा उठान की वास्तविकता जानने के लिए तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) से जांच कराई। इस जांच में विसंगति मिलते ही सभी निकायों को नोटिस जारी करके सात दिनों में जवाब मांगा है। जिन एजेंसियों ने यह गड़बड़ी की है, उन पर जुर्माना लगाने के आदेश भी दिए गए हैं जबकि स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के नोडल अधिकारियों को भी नोटिस देने के आदेश दिए गए हैं।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के संयुक्त निदेशक (प्रशासन) ने संबंधित निकायों को पत्र जारी करके घर-घर से कचरा संग्रहण में गंभीर विसंगतियां होने पर नाराजगी जताई है। निकाय विभाग के पत्र के अनुसार, स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के पोर्टल पर निकायों की तरफ से दिए गए ब्योरे की समीक्षा की गई। प्रदेश में 87 निकाय हैं और इनमें से अधिकतर निकायों में घर-घर से कचरा उठान के दावों की सत्यता जानने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के दाैरान तीसरे पक्ष से मूल्यांकन कराया गया। इस बीच 28 से अधिक निकायों के दावे पूरी तरह से गलत निकले और निकायों में 40 से लेकर केवल 60 प्रतिशत तक ही कचरा संग्रहण का कार्य पाया गया।
निकायों की गंभीर लापरवाही मानते हुए निकाय विभाग के संयुक्त निदेशक ने नाराजगी जाहिर की है कि इस खामी के कारण स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय मूल्यांकन में कमजोर रैंक रहा और स्वच्छ भारत मिशन(शहरी)-2.0 के तहत वित्त पोषण और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शहरी स्थानीय निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला नगर आयुक्त और नगर निगम आयुक्तों से सात दिनों के अंदर जवाब मांगा है।
गंभीर लापरवाही में शामिल अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की सिफारिश
संबंधित गंभीर लापरवाही में शामिल अधिकारियों के विरुद्ध प्रासंगिक सेवा नियमों के तहत आरोप-पत्र दाखिल (चार्जशीट) करने की भी सिफारिश की गई है। इसी तरह से घर-घर से कचरा संग्रहण के कार्य के ब्योरे में हेरफेर मानते हुए संबंधित एजेंसियों और कचरा ढुलाई के कार्य से जुड़े वाहनों की गलत जानकारी देने के मामले में भी जुर्माना होगा। वहीं, प्रदेश के अंबाला, अंबाला सदर, बराड़ा, नारायगढ़, बवानी खेड़ा, भिवानी, लोहारू, सिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, जाखल मंडी, रतिया, टोहाना, फरूखनगर में गड़बड़ियों का ब्योरा सामने आया है। इसमें गुरुग्राम, सोहना, पटाैदी, बरवाला, हांसी, हिसार, नारनाैंद, उकलाना, बहादुरगढ़, बेरी, झज्जर, जींद आदि के भी नाम शामिल हैं। इनमें से कई शहरों में साै के बजाय 20-22 प्रतिशत ही घर-घर से कचरा उठान पाया गया है।