अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। भाजपा के 2014 के विधानसभा चुनाव में 1032 अस्थाई स्कूलों को स्थायी मान्यता देने के वादे के बावजूद 11 वर्षों में कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू सहित अन्य पदाधिकारियों ने वादे को पूरा नहीं करने पर रोष जताया है।
संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार, प्रांतीय महासचिव पवन राणा व रणधीर पूनिया ने कहा कि इनमें से बहुत से स्कूलों को बने हुए 30 वर्ष से भी ज्यादा समय हो गया है। ये अस्थायी स्कूल जमीन की शर्त को छोड़कर अन्य सभी नियमों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।
संघ के प्रदेश सचिव प्रदीप पूनिया, विनय वर्मा व प्रांतीय कानूनी सलाहकार गौरव भूटानी ने कहा कि प्रदेश के हजारों निजी स्कूलों के एमआईएस पोर्टल तीन महीने से बंद पड़े हैं। संघ ने इन स्कूलों की समस्या का समाधान करने व स्कूल सोसायटियों पर लगाए गए एक-एक लाख रुपये के जुर्माने को भी माफ करने की मांग मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से की है।