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Haryana: सहकारी समितियों में खूब चला भाई-भतीजावाद, प्रतिबंध के बावजूद सेवानिवृत्तों को भी दोबारा दी नौकरियां

Fri, 13 Dec 2024 12:46 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

करनाल और कैथल जिले की पैक्स समितियों में नियमों को ताक पर रख कर नियुक्तियां दी गई। करनाल जिले की द छाप्पर मुस्तरका पैक्स में भी अवैध नियुक्तियां हुईं थी। यहां पर सहकारी समितियों के नियम को ताक पर रखकर अपने चहेतों को नियुक्तियां दी गई।
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Punjab And Haryana High Court Job - फोटो : freepik
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विस्तार
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हरियाणा की पैक्स समितियों में नौकरियों को लेकर जमकर भाई-भतीजावाद चला। पैक्स प्रबंधकों, एआर और डीआर की मिलीभगत के चलते अपने चहेतों को खूब नौकरियां दी गई। इतना ही नहीं नियमों के खिलाफ सेवानिवृत्तों को भी दोबारा से नौकरियों पर रखा गया। 

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2006 से सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार के साफ आदेश हैं कि किसी भी सेवानिवृत्त को दोबारा से नौकरी पर नहीं रखा जा सकता है। बावजूद इसके नियमों के खिलाफ जाकर ऐसे कर्मचारियों को दोबारा से नौकरियां दी गई। विभाग की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है। हालांकि, इस पूरे मामले की जांच के लिए सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा ने दो सदस्यीय कमेटी गठित कर रखी है। कमेटी अब इन तथ्यों के आधार पर ही आगे की जांच करेगी।

हाल ही में सरकार के संज्ञान में आया है कि पिछले कई सालों से पैक्स समितियों में अवैध रूप से नियुक्तियां दी जा रही हैं। अनुमान है कि बिना स्वीकृत पदों के ही 715 कर्मचारियों को नौकरियां दे दी गई। ये ऐसे कर्मचारी हैं, जो पैक्स समितियों में पहले से तैनात कर्मचारी और अधिकारियों के साथ-साथ निदेशकों के परिचित हैं या रिश्तेदार हैं। 
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इनको नौकरियां देने में नियमों का खुलकर उल्लंघन किया गया, न तो नौकरी के लिए विज्ञापन दिया गया और न ही गांव में मुनादी कराई गई। गुपचुप तरीके से अपने चहेतों को नौकरियां दी जाती रही। विभाग की प्राथमिक जांच में अब ये सारी बातें निकलकर सामने आ रही है। अब दो सदस्यीय कमेटी एक-एक तथ्य को जुटाएगी और सरकार को रिपोर्ट देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारियों की नौकरियों को लेकर फैसला होना है। इस बारे में सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार आईएएस राजेश जोगपाल का कहना है कि जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

नियमों को ताक पर रख करनाल और कैथल में दी गई नौकरियां

करनाल और कैथल जिले की पैक्स समितियों में नियमों को ताक पर रख कर नियुक्तियां दी गई। करनाल जिले की द छाप्पर मुस्तरका पैक्स में भी अवैध नियुक्तियां हुईं थी। यहां पर सहकारी समितियों के नियम को ताक पर रखकर अपने चहेतों को नियुक्तियां दी गई। एआर की ओर से किए गए निरीक्षण में सामने आया कि पैक्स प्रबंधक की ओर से 18 सितंबर 2021 के तहत क्लर्क गौरव सैनी व सेवादार राजेश को नियमों के विरुद्ध नियुक्त किया गया है। जो हरियाणा सहकारी नियम 1989 के नियम 110 डी की अवहेलना करके किया है। वहीं, कैथल में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बनी दो कोऑपरेटिव सोसायटियों में लगे 11 कर्मचारियों की भर्ती फर्जी पाई गई थी। इनमें कुराड पैक्स के 6 और पाडला पैक्स के 5 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया है।

मामले की विजिलेंस जांच हो : लव कुमार

आरटीआई कार्यकर्ता लव कुमार का कहना है कि 2006 के बाद पैक्स समितियों में हुई नियुक्तियां अवैध हैं। यह सारी नियुक्तियां प्रबंधकों, एआर और डीआर की मिलीभगती से की गई हैं। तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए अपनों को नौकरियां बांटी गई है। पूरे प्रदेशभर में यह खेल हुआ है। अगर मामले की सही जांच की गई तो कई बड़े और छोटे अधिकारियों की इसमें मिलीभगत सामने आएगी। प्रदेश सरकार को इस मामले की विजिलेंस जांच करानी चाहिए।

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