किसान अपनी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, बिजली दरों में कटौती, कर्जमाफी, और अन्य लंबित मुद्दों की मांग लेकर शंभू बॉर्डर पर बैठे हैं। इसी को लेकर किसान नेता अपना बयान जारी किया है।
दिल्ली आंदोलन 2.0 के तहत किसानों का विरोध प्रदर्शन 305वें दिन भी जारी है। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन और अधिक प्रबल होता जा रहा है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने जानकारी दी कि आमरण अनशन सात दिनों से जारी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आया है।
सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि मंत्री गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। हमें सरकार की बातचीत करने की मंशा का कोई संकेत नहीं मिला है। यह स्पष्ट है कि सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
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शंभू बॉर्डर पर भारी संख्या में किसान एकत्र हुए हैं और उन्होंने अपने विरोध प्रदर्शन को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। ड्रोन से ली गई तस्वीरों में बॉर्डर पर किसानों की एक बड़ी भीड़ देखी जा सकती है। वहीं, किसान अपनी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, बिजली दरों में कटौती, कर्जमाफी, और अन्य लंबित मुद्दों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
डल्लेवाल ने पीएम के नाम लिखा पत्र
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम लिखा पत्र। कहा 17 दिन से किसानों की मांगों को लेकर वह अनशन पर हैं। उनकी हालत के बारे में सूचित कर दिया गया होगा। अगर उन्हें कुछ होता है या सरकार की शंभू व खनौरी बॉर्डर पर फोर्स की कार्रवाई में कोई जानमाल का नुकसान होता है तो केंद्र जिम्मेदार होगा।