फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरदासपुर पुलिस हत्याकांड: एडी नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप से जोड़ा, हैंडलर कौन मालूम नहीं और कर दिया कत्ल

Sun, 29 Mar 2026 09:28 AM IST
Ankesh Kumar मोहित धुपड़, चंडीगढ़

सार

22 फरवरी की रात को हमलावरों ने आधियां स्थित चौकी में तैनात होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और पंजाब पुलिस के एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह इलाका बॉर्डर से कुछ दूरी पर है।
विज्ञापन
मौके पर पुलिस टीम। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के गुरदासपुर में पिछले दिनों सीमावर्ती आदियां गांव में स्थित चौकी में सो रहे दो जवानों गुरनाम सिंह व अशोक कुमार (एएसआई व होमगार्ड) की हत्या के मामले में कुछ खुलासे हुए हैं। जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया गया, उससे पंजाब पुलिस भी हैरान है।

विज्ञापन


हालांकि इसमें आईएसआई कनेक्शन तो पहले ही सामने आ चुका है मगर इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी किस विदेशी हैंडलर के हाथ में खेल रहे हैं, इसकी उन्हें सटीक जानकारी ही नहीं था। हालांकि अमृतसर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल भी कहते हैं कि वारदात में शामिल रणजीत, दिलावर व इंद्रजीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक हैंडलर्स के संपर्क में थे। इनमें से रणजीत का एनकाउंटर हो चुका है।

दरअसल, आईएसएआई पंजाब में माहौल खराब करने के लिए यहां नारको, वेपन और गैंगस्टर मॉड्यूल खड़ा कर रहा है। गुरदासपुर के उक्त तीनों आरोपी भी उसकी इसी साजिश का हिस्सा बने। कुछ समय पहले पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित स्थानीय नशा व हथियार तस्करों को पकड़ने के लिए बीएसएफ के साथ मिलकर बॉर्डर से करीब दो किलोमीटर पीछे सेंकड लाइन ऑफ डिफेंस तैयार की थी। इन्हीं जगहों पर छोटी-छोटी नई चौकियां तैनात की गई हैं, जिनके जरिये उन तस्करों पर शिकंजा कसा जाता है जो ड्रोन के जरिये पाकिस्तान द्वारा खेतों में गिराई गई नशीले पदार्थों व हथियारों की खेप उठाकर अपने कब्जे में लेते हैं।
विज्ञापन


हाल ही बनाई गईं ये चौकियां ही पाकिस्तान के ड्रग्स और वेपन सिंडिकेट को बहुत ज्यादा खटक रही हैं। इस सिंडिकेट को समर्थन देने वाली आईएसआई ने पंजाब में अपने स्थानीय नेटवर्क के जरिये सेंकड लाइन ऑफ डिफेंस की आदियां चौकी में तैनात दो जवानों को मारकर अपने नापाक मंसूबे जाहिर करने की साजिश रची।

युवाओं को लालच में फंसाया
इस साजिश के चलते आदियां गांव में स्थित सुरक्षा चौकी को टारगेट बनाया गया था। इस काम के लिए व्हाट्सएप पर एडी नाम का एक शख्स रणजीत और इंद्रजीत के संपर्क में आया। दरअसल, इंद्रजीत पर नशा तस्करी के आरोप में पहले से परचे दर्ज थे। इसलिए वे आसानी से इस जाल में फंसा। बाद में रणजीत और इंद्रजीत ने दिलावर को भी अपने साथ मिलाया। व्हाट्सएप के जरिये ही पुलिस चौकी में जवानों को मारने की टास्क मिला। एडी नाम के शख्स से ये सारी साजिश आईएसआई रच रही थी। एडी कौन है किसी को पता ही नहीं था।

ग्रीस से रुपये बटाला पहुंचे
इस काम के लिए आरोपियों को चार लाख रुपये की सुपारी मिली थी। इस दौरान वेस्टर्न यूनियन के जरिये एक लाख रुपये ग्रीस से बटाला में एक व्यक्ति तक पहुंचाया गया। वह व्यक्ति एक लाख रुपये नकद लेकर आरोपियों तक पहुंचता है और उन्हें एडवांस देता है। वारदात के बाद तहरीके-ए-तालिबान इसकी जिम्मेदारी लेता है और पाकिस्तान का बदमाश शहजाद भट्टी कत्ल का वीडियो वायरल करता है।

आईएसआई का नया मॉड्यूल
पंजाब में आईएसआई एक नया मॉड्यूल खड़ा कर रही है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को लालच देकर एन्क्रिप्टेड काॅल और व्हाट्सएप के जरिये तस्करी, हत्याओं व हमलों का टास्क दिया जा रहा है। विदेशों से एडवांस भी स्थानीय गुर्गों के खातों में भेजा जा रहा है। वारदातों को अंजाम देने वाले गुर्गों को पैसा तो मिल जाता है मगर वे किसके हाथ की कठपुतली बनकर खेल रहे हैं, उन्हें पता ही नहीं चल पाता। पंजाब पुलिस की एजीटीएफ इस मॉड्यूल को तोड़ने में जुटी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें