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Chandigarh-Haryana News: मानसून सत्र कल से, पिछड़ा वर्ग आयोग की बढ़ेंगी शक्तियां, विस में आएगा विधेयक

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पिछड़ा आयोग अब सुरक्षा उपायों से वंचित से लोगों की शिकायतों की जांच भी कर सकेगा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में पिछड़ा वर्ग आयोग और मजबूत होगा। आयोग के कार्यों का विस्तार करने वाला विधेयक राज्य सरकार मानसून सत्र में पेश करने जा रही है। यदि सदन में यह विधेयक को पास हो जाता है तो आयोग की शक्तियां बढ़ जाएंगी। विधानसभा में इस विधेयक को सूचीबद्ध कर दिया गया है।
हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम 2016 की धारा 9 के अनुसार, मौजूदा समय में आयोग केवल किसी भी वर्ग को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने या बाहर करने के अनुरोधों की जांच कर सकता है। मगर अब पांच और कार्य शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है जिसमें पिछड़े वर्गों के संरक्षण, कल्याण, विकास और उन्नति से संबंधित कार्यों का निर्वहन शामिल है। इसके तहत आयोग पिछड़े वर्गों के अधिकारों और सुरक्षा उपायों से वंचित से लोगों की शिकायतों की जांच कर सकता है। साथ ही ऐसे मामलों को उपयुक्त अधिकारियों के समक्ष उठा सकेगा।
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प्रस्तावित कार्याें के तहत यह न केवल पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास की योजना में भाग ले सकता है बल्कि सलाह भी दे सकता है। इसके साथ ही पिछड़े वर्ग के उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन भी कर सकता है। इसके साथ ही पिछड़े वर्गों के संरक्षण, कल्याण और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए सुरक्षा उपायों और अन्य उपायों के कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार को सिफारिश देना और वार्षिक रिपोर्ट देना भी विधेयक में आयोग के कार्यों में शामिल है। आयोग ने 4 अगस्त, 2023 को हुई अपनी बैठक में इसके कार्यों के विस्तार हेतु अधिनियम की धारा 9 में संशोधन का प्रस्ताव रखा था।

विधायकों को अब हर महीने दस हजार महीना भत्ता मिलेगा

विधानसभा में विधायकों के यात्रा भत्ता दस हजार रुपये महीना करने का विधेयक पेश किया जाएगा। पहले एक लाख रुपये खर्च सीमा थी। पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में यात्रा भत्ता मासिक दस हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। अब सरकार इससे जुड़ा विधेयक सत्र में पेश करेगी।
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पूर्व विधायकों ने पेंशन व अन्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग रखी




विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले पूर्व विधायकों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से मुलाकात कर दूसरे प्रदेशों की तर्ज पर सुविधाएं देने की मांग की है। पूर्व विधायकों ने कहा- दूसरे प्रदेशों की तरह वे जनता के हित के लिए कार्य करते हैं। मगर उन्हें पेंशन व अन्य सुविधाएं कम मिलती हैं। पूर्व विधायकों ने पेंशन बढ़ाने, चिकित्सा भत्ता बढ़ाने और अन्य भत्तों को बढ़ाने की मांग रखी है। इस पर सीएम व विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है। स्पीकर व सीएम से मिलने वाले विधायकों में एसोसिएशन के अध्यक्ष रामबीर सिंह, महासचिव रणबीर सिंह मंदौला, नरेश शर्मा बादली व अन्य विधायक मौजूद रहे।
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