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दिल्ली जीत से बढ़ा मनोहर-सैनी का कद: 21 सीटों पर प्रचार, उनमें से 14 भाजपा ने जीती, यमुना मुद्दे का कितना असर?

Sun, 09 Feb 2025 09:40 AM IST
अंकेश ठाकुर आशीष वर्मा, चंडीगढ़

सार

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत से केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का कद बढ़ा है। दोनों दिग्गजों ने दिल्ली में बढ़चढ़ कर प्रचार किया था। सीएम सैनी ने यमुना के मुद्दे पर आप को सबक सिखाया है। 
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मनोहर लाल और नायब सिंह सैनी - फोटो : फाइल
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव के बाद माना जा रहा था कि भाजपा का ग्राफ अब नीचे जा रहा है। आगामी चुनावों में भाजपा के लिए उन राज्यों में चुनौती बढ़ गई थी, जहां कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव होने थे। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने अपनी गलतियों को सुधारा और हरियाणा की धमाकेदार जीत हासिल की। इस जीत ने पार्टी को नई ऊर्जा दी। हरियाणा के बाद महाराष्ट्र और अब दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में जबरदस्त वापसी की। दिल्ली में लंबे वनवास के बाद मिली जीत में हरियाणा के अहम योगदान को नकारा नहीं जा सकता।
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यह पहला मौका था, जब भाजपा हरियाणा के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी गई। शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जोड़ी पर विश्वास जताकर 32 से ज्यादा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी। इन सीटों पर चुनाव प्रचार की रणनीति का जिम्मा दोनों को सौंपा गया। दोनों ने मिलकर हरियाणा के अधिकतर मंत्रियों की ड्यूटी दिल्ली में लगा दी। दिल्ली की जाट सीटों पर हरियाणा के जाट नेताओं की ड्यूटियां लगाई गई। इसी का नतीजा है कि दिल्ली की जाट बहुल्य 13 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। वहीं, नायब सिंह सैनी ने भी 13 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक पांच बार दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 21 विधानसभा सीटों पर जनसभा और प्रचार किया। इनमें से 14 सीटों पर भाजपा को जीत हासिल हुई। वहीं, मनोहर लाल भी रोजाना अपने आवास पर हरियाणा के मंत्रियों से फीडबैक लेते थे। मनोहर लाल ने दस सीटों पर रैलियां व जनसभा की, भाजपा ने उन सभी सीटों पर जीत हासिल की है।

यमुना में जहर मिलाने का आरोप का दांव पड़ा उलटा
चुनाव के अंतिम दिन राष्ट्रीय राजधानी की लाइफलाइन रही यमुना नदी में जहर मिलाने के आरोप पर जबरदस्त घमासान हुआ। केजरीवाल ने 27 जनवरी को एक रैली के दौरान कहा कि भाजपा अपनी गंदी राजनीति से दिल्ली की जनता को प्यासा छोड़ना चाह रही है। वे हरियाणा से भेजे जा रहे पानी में जहर मिला रहे हैं। यह प्रदूषित पानी इतना जहरीला है कि इसे दिल्ली में मौजूद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की मदद से ट्रीट नहीं किया जा सकता है। भाजपा दिल्लीवासियों की सामूहिक हत्या करना चाहती है, पर हम ऐसा नहीं होने देंगे। यह आरोप बेहद गंभीर थे। केजरीवाल ने ये आरोप लगाकर जनता की सहानुभूति हासिल करने की पूरी कोशिश की। सीएम सैनी ने इन आरोपों पर न सिर्फ पलटवार किया बल्कि हरियाणा से भेजे जा रहे यमुना के पानी और दिल्ली में बहने वाली यमुना का पानी लेकर वह राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और केजरीवाल के आरोपों का मजबूती से जवाब दिया। यही नहीं उन्होंने यमुना का पानी पीकर केजरीवाल की ओर से बनाए जा रहे नेरेटिव को तोड़ने की कोशिश की। वहीं, उन्होंने यह भी संदेश दिया कि अगर केंद्र, हरियाणा के साथ दिल्ली में भी भाजपा की सरकार होती तो यमुना से साफ पानी आता। पानी का मुद्दा हर घर से जुड़ा था। चुनाव नतीजे भी बताते हैं कि पानी के मुद्दे पर इस बार जनता ने आप को वोट नहीं किया है। दिल्ली की इस जीत से मनोहर-नायब का कद बढ़ना तय है।
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केजरीवाल हरियाणा के नहीं हुए तो दिल्ली के कैसे होते : सैनी
दिल्ली की जीत पर सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा- दिल्ली की जनता ने भाजपा को स्पष्ट जनादेश देकर दिल्ली में कमल खिला कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व, सामाजिक कल्याण की गारंटियों पर मुहर लगाई है। आप पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता ने आप-दा की गलत नीतियों का जवाब देकर भाजपा की जनकल्याणकारी नीतियों पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा की मिट्टी को अपमानित करने का काम किया, वो जब हरियाणा के नहीं हुए तो दिल्ली के कैसे होते। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर अब यह सुनिश्चित होगा कि केंद्र की सभी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता से जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि अब भाजपा के सत्ता में आने पर दिल्ली को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, बेहतर परिवहन, स्वच्छ जल आपूर्ति और मजबूत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
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