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हरियाणा में गेहूं बीज पर बड़ी छूट: 40 किलो का थैला अब 1080 रुपये में उपलब्ध, अधिसूचना जारी

Fri, 18 Sep 2026 03:25 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आर्थिक सहायता के बाद किसानों के लिए यह दर 2700 रुपये प्रति क्विंटल पड़ती है। इसी गणना के आधार पर, सरकार 40 किलोग्राम का थैला 1080 रुपये में उपलब्ध करा रही है। यह पहल किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
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गेहूं - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने आगामी रबी मौसम 2026-27 के लिए प्रमाणित गेहूं बीज के सरकारी बिक्री दरें घोषित कर दी हैं। प्रदेश के किसानों को सरकारी केंद्रों से 40 किलोग्राम गेहूं बीज का एक थैला 1080 रुपये में मिलेगा। विभाग ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है।
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सरकार अधिकतम खुदरा मूल्य पर सीधी आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। गेहूं का कुल दर 4395 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस पर 1695 रुपये प्रति क्विंटल की सरकारी आर्थिक सहायता दी जा रही है। आर्थिक सहायता के बाद किसानों के लिए यह दर 2700 रुपये प्रति क्विंटल पड़ती है। इसी गणना के आधार पर, सरकार 40 किलोग्राम का थैला 1080 रुपये में उपलब्ध करा रही है। यह पहल किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। इससे किसानों को आगामी रबी फसल की बोआई में मदद मिलेगी। यह योजना कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक होगी।

किस्मों की पात्रता और उपलब्धता
यह आर्थिक सहायता दस साल से कम पुरानी सभी अधिसूचित किस्मों पर लागू होगी। हालांकि, सी-306 किस्म पर यह छूट लागू नहीं होगी। यह बीज हैफेड, एचएसएससीए, एचएलआरडीसी, कृभको, इफको, एनएफएल और एनएससी जैसी सरकारी एजेंसियों के बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा। इन केंद्रों पर किसान आसानी से बीज प्राप्त कर सकेंगे। यह सुनिश्चित किया गया है कि बीज की उपलब्धता व्यापक हो।
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केवल हरियाणा के किसानों के लिए छूट
सरकार के आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि यह आर्थिक सहायता केवल हरियाणा के स्थानीय किसानों को ही मिलेगी। निजी कंपनियों, सरकारी प्रदर्शनियों और किसान उत्पादक संगठनों को इस दर पर आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी। यह कदम राज्य के किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और वास्तविक किसानों को फायदा होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
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