यूनियन नेताओं ने बताया कि सरकार द्वारा निकाले गए विज्ञापन सीपीएलओ (क्रीड़ पंचायत लोकल ऑपरेटर) के पदों के लिए था। लेकिन चयन के बाद करीब साढ़े तीन हजार युवाओं को एलसीएलओ (लोकल कमेटी लोकल ऑपरेटर) के नाम से अप्वॉइंटमेंट लेटर थमा दिया गया।
एलसीएलओ-सीपीएलओ कर्मचारी यूनियन हरियाणा (सीटू) का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मुख्यमंत्री आवास चंडीगढ़ पहुंचा और मुख्यमंत्री के ओएसडी राजेश सिंधू से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों को लेकर चर्चा की। यूनियन ने पदनाम बदलकर की गई नियुक्तियों को धोखा बताते हुए जल्द से जल्द समाधान की मांग रखी।
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यूनियन नेताओं ने बताया कि सरकार द्वारा निकाले गए विज्ञापन सीपीएलओ (क्रीड़ पंचायत लोकल ऑपरेटर) के पदों के लिए था। लेकिन चयन के बाद करीब साढ़े तीन हजार युवाओं को एलसीएलओ (लोकल कमेटी लोकल ऑपरेटर) के नाम से अप्वॉइंटमेंट लेटर थमा दिया गया। इस बदलाव से न तो उन्हें कोई वेतन मिल रहा है और न ही कोई काम। वहीं सीपीएलओ को भी मात्र 6000 रुपये मानदेय मिल रहा है, जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।
यूनियन का कहना है कि इन कर्मचारियों को हरियाणा की 7000 ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवालयों में बैठाकर फैमिली आईडी से जुड़े कार्य जैसे आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और पेंशन वेरिफिकेशन का काम सौंपा जाना था। लेकिन 18 महीने गुजर जाने के बाद भी अधिकांश को न तो ज्वाइनिंग दी गई और न ही वेतन।
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यूनियन नेताओं ने ओएसडी को साफ कहा कि वेतनमान तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के बराबर दिया जाए और पदनाम को तत्काल प्रभाव से सीपीएलओ में बदला जाए। इस मौके पर सीटू प्रदेश महासचिव जयभगवान, ओम प्रकाश, नीतू, पवन पलवल, रीतू, दीपक कुमार और प्रवीण भिवानी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री के ओएसडी राजेश सिंधू ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार इस मामले पर विचार कर रही है। क्रीड़ विभाग की बैठकों में इस विषय पर चर्चा चल रही है और जल्द ही सकारात्मक समाधान निकलेगा। हालांकि यूनियन नेताओं ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कुरुक्षेत्र में जारी धरना आंदोलन जारी रहेगा।