मंत्रिमंडल का फैसला, 5100 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से भूमि को पट्टे पर देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में कई फैसले लिए गए। बैठक में गो अभयारण्य स्थापित करने के लिए पशुपालन व डेयरी विभाग या हरियाणा गो सेवा आयोग को 20 वर्ष की अवधि के लिए 5100 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से कुछ नियमों और शर्तों पर भूमि पट्टे पर देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा ग्राम शामलात भूमि नियम, 1964 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत खेती के लिए पट्टे पर दी जाने वाली प्रस्तावित भूमि में से 4 प्रतिशत भूमि बेंचमार्क विकलांगता (60 प्रतिशत या इससे अधिक) वाले व्यक्तियों के लिए आरक्षित की जाएगी।
बैठक में यह भी मंजूरी दी गई कि ग्राम पंचायत अपने स्तर पर 250 एकड़ तक भूमि उपयोग योजना तैयार कर सकेगी। यदि पंचायत समिति और जिला परिषद द्वारा प्लान को तय अवधि में अनुमति नहीं दी जाती या असहमति होने पर ग्राम पंचायत इसके लिए राज्य सरकार को आवेदन कर सकती है।
ग्राम सभा की बैठक का कोरम सदस्यों का 40 फीसदी होगा : मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके मुताबिक किसी भी सरकारी योजना के पात्र लाभार्थियों पर विचार और उन्हें मंजूरी देने के लिए ग्राम सभा की बैठक का कोरम सदस्यों का 40 प्रतिशत होगा। हालांकि, पहली और दूसरी स्थगित बैठकों में कोरम क्रमशः ग्राम सभा के सदस्यों का 30 व 20 प्रतिशत से होगा।
इस निर्णय से न केवल पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी बल्कि उनकी कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा।
आदतन अपराधी की परिभाषा में संशोधन
बैठक में हरियाणा कारागार नियम, 2022 में आदतन अपराधी की परिभाषा को शामिल करने के लिए संशोधन को मंजूरी दी गई। संशोधित नियमों को हरियाणा कारागार (संशोधन) नियम, 2025 कहा जाएगा। आदतन अपराधी से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जिसे पांच वर्ष की किसी भी लगातार अवधि के दौरान किसी एक या अधिक अपराधों के लिए दो बार से अधिक दोष सिद्ध ठहराया गया हो व कारावास की सजा सुनाई गई हो। बशर्ते पांच वर्ष की निरंतर अवधि की गणना करते समय कारावास की सजा के तहत या डिटेंशन के तहत जेल में बिताई गई किसी भी अवधि को हिसाब में नहीं लिया जाएगा।
हाउसिंग बोर्ड खत्म, एचएसवीपी में विलय की मंजूरी
बैठक में हरियाणा हाउसिंग बोर्ड (संशोधन) विधेयक को मंजूरी प्रदान की गई। इस संशोधन के बाद हाउसिंग बोर्ड खत्म हो जाएगा। इस संशोधन का उद्देश्य हरियाणा हाउसिंग बोर्ड का हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के साथ विलय सुनिश्चित करना है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास और आवास संबंधी कार्यों को सुव्यवस्थित करना, प्रशासनिक दोहराव को समाप्त करना तथा नागरिकों को सेवाओं की आपूर्ति में दक्षता बढ़ाना है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में हाउसिंग बोर्ड हरियाणा को भंग कर उसके कार्य एचएसवीपी में समाहित करने की घोषणा की थी ताकि शहरी विकास एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।